पूरनपुर। तहसील, अस्पताल, ब्लाॅक, पावर कॉरपोरेशन कार्यालय समेत लगभग सभी सरकारी दफ्तरों में बाहरी लोग काम कर रहे है। अपना खर्चा चलाने के लिए ये अवैध वसूली कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। सरकारी कार्यालयों में काम करने को लेकर पहुंंचने वाले लोगों में वसूली को लेकर रोष है।
कार्यालयों में काम करने वाले प्राइवेट कर्मचारी सरकारी दस्तावेजों में भी लिखा-पढ़ी करते हैं। विभिन्न विभागों को भेजे जाने वाले शिकायती पत्रों पर अफसरों की ओर से आख्या भी यही लिखते हैं। अफसर सिर्फ हस्ताक्षर करते हैं। अस्पताल में तो इंजेक्शन, मरहम-पट्टी, टांके लगाने से लेकर दवाई बांटने का काम भी प्राइवेट कर्मचारी ही करते हैं।
खास बात यह है कि इन कर्मचारियों को कहीं से कोई मानदेय नहीं दिया जाता है। इनका मानदेय वसूली पर निर्भर रहता है। प्राइवेट कर्मचारियों के वसूली करने की शिकायतों पर पूर्व में कई बार उच्चाधिकारियों उन्हें किसी कीमत पर कार्यालयों में न रखने के आदेश दिए, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। हाल में ही अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त अनिल कुमार यादव ने भी पत्र जारी कर प्राइवेट कर्मचारियों से कार्यालयों में काम लेने पर नाराजगी व्यक्त कर उन्हें दफ्तर में प्रवेश न करने देने के निर्देश दिए है।
वर्जन-
कार्यालयों में औचक निरीक्षण कर कर्मचारियों के बारे में जानकारी ली जाएगी। अगर किसी कार्यालय में बाहरी लोग काम करते मिले, तो कार्यालय प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार शुक्ला, एसडीएम