न्यायालय ने 58 रुपये जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज़ एजेंसी
पीलीभीत। पत्नी की हत्या के दोषी पति को कोर्ट नंबर तीन के अपर सत्र न्यायाधीश अनु सक्सेना ने दोषी पाते हुए 58 हजार रुपये जुर्माना सहित आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उसने करीब दो वर्ष पूर्व घटना को अंजाम दिया था।
थाना पूरनपुर के ग्राम नरायनपुर की राजवती ने पुलिस को तहरीर दी थी कि वह अपनी पुत्री पुष्पा के घर मोहल्ला पंकज काॅलोनी ग्राम नरायनपुर में रहती है। उसकी बेटी व दामाद अपने बच्चों के साथ बंगलुरु में रहकर काम करते है। वह घर पर अकेली ही रहती है। उसका लड़का बब्बू अपनी पत्नी संगीता व बच्चों के साथ पिछले एक वर्ष से बंगलुरु मे रहकर किसी कंपनी में काम करता है। दोनों छुट्टियों में पूरनपुर आए हुए थे।
10 जनवरी 2022 को रात्रि 12 बजे किसी कारण बब्बू ब संगीता में झगड़ा हुआ। बब्बू पत्नी को पीटने लगा। उसने बचाने की कोशिश की तो बब्बू ने उसे भी पीटा। इससे उसकी आंख के नीचे व शरीर मे चोट आई।
उसने किसी तरह भागकर जान बचाई। वह रात में डर की वजह से घूमती रही। अगले दिन वह घर वापस आई, तो देखा जगह-जगह खून पड़ा था। घर में कोई नहीं था। उसने संगीता को काफी तलाशा फिर भी वह नहीं मिली। बाद मे उसने गोदाम में खोदे गए गड्ढे की मिट्टी हटा कर देखा तो वहां संगीता का शव पड़ा था।
उसके बेटे बब्बू ने बहू संगीता की हत्या कर शव को गोदाम के गड्ढे में गाड़ दिया था और मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना में बब्बू उर्फ प्रेम प्रकाश को दोषी पाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से कई गवाह न्यायालय में पेश किए गए। वहीं आरोपी ने निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की सुनवाई करने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपी को दोषी पाते हुए दंडित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता (अपराध) राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने की ।