पीलीभीत। हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार सिंह ने पिता और दो पुत्रों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 41-41 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वर्तमान में दोषी जमानत पर हैं। उनकी जमानत रद्द करने का भी आदेश जारी किया गया है।
अभियोजन के मुताबिक, जहानाबाद थाना क्षेत्र के गांव पुरनापुर निवासी विजय कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसके भाई भगवान स्वरूप का गांव के ही मंगली प्रसाद की बेटी से प्रेम प्रसंग था। 20 फरवरी, 2016 को मंगली प्रसाद की बेटी भगवान स्वरूप के घर आ गई। तलाश करते हुए मंगली प्रसाद उनके बेटे सुंदरलाल और अमर सिंह भगवान स्वरूप के घर आए और बेटी को पकड़ लिया। तीनों लोगों ने भगवान स्वरूप को इस कदर प्रताड़ित किया कि उन्होंने जहर खाकर जान दे दी।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। पत्रावली अवलोकन के दौरान भगवान स्वरूप को मारने-पीटने की बात भी सामने आई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद दोषियों को हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (अपराध) देवेंद्र कुमार ने की।