पूरनपुर। पिटाई में घायल वकील की इलाज के दौरान शनिवार को बरेली के एक निजी अस्पताल में 18वें दिन मौत हो गई। वकील के भाई घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस अफसरों के चक्कर काटते रहे। आरोप है कि रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय पुलिस समझौता कराने की कोशिश में जुटी रही। वकील की मौत की जानकारी होने पर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कर ली।
घटना 13 सितंबर को दोपहर दो बजे की है। गांव बंजरिया निवासी राकेश मिश्रा ने बताया कि उनके भाई अमित मिश्रा पूरनपुर तहसील में वकालत करते थे। घटना के दिन अमित बाइक से इंजन का सामान लेने जा रहे थे। साथ में गांव निवासी अवनीश थे। आरोप है कि प्रधानी के चुनाव की रंजिश में रास्ते में प्रधान ने अपने साथियों के साथ अमित को रोक लिया और लाठी-डंडों से पीटकर अधमरा कर दिया।
लोगों के एकत्र होने पर हमलावर भाग गए। राकेश मिश्रा ने बताया कि सूचना पर भाई को बेहोशी की हालत में उठाकर इलाज को पहले पीलीभीत बाद में गंभीर हालत में बरेली के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। तब से अमित होश में ही नहीं आए। शनिवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। कोतवाल जगत सिंह ने बताया कि तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ पीटकर अधमरा करने की रिपोर्ट दर्ज की है।