माला जंगल में पटरी बिछाने को आधे रास्ते कोे किया तैयार । संवाद
पूरनपुर। पीलीभीत-मैलानी के बीच माला के जंगल में अटका आमान परिवर्तन का कार्य अब गति पकड़ने लगा है। जंगल के करीब साढ़े छह किलोमीटर के हिस्से में ट्रैक बिछाने के लिए जमीन के समतलीकरण का काम पूरा हो गया है। इधर, इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन के लिए जंगल में विद्युतीकरण के लिए भी केंद्र सरकार से हरी झंडी मिल चुकी है। जंगल में खंभे लगाने का काम चल रहा है। उम्मीद है कि अगले साल के शुरू में लोगों को ट्रेनों में सफर की सौगात मिल जाएगी।
आमान परिवर्तन के लिए 31 मई 2018 को मीटर गेज लाइन पर ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया था। मैलानी से शाहगढ़ तक पटरी बिछाने का काम दो साल पहले पूरा कर लिया गया। इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलाने के लिए मैलानी से कुर्रैया हाल्ट तक और दुधिया खुर्द से शाहगढ़ तक विद्युतीकरण का काम भी पूरा हो गया है। शाहगढ़ से पीलीभीत के बीच जंगल में पटरी डालने के लिए एनओसी मिलने के बाद काम शुरू किया गया।
संडई हाल्ट से माला तक करीब साढ़े छह किलोमीटर हिस्से में से आधे में पटरी बिछाने के लिए जमीन के समतलीकरण का काम पूरा हो चुका है। अब इस पर मात्र स्लीपर के साथ पटरी बिछना बाकी है। शेष साढ़े तीन किलोमीटर के हिस्से में भी पैड तैयार किया जा रहा है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले साल के शुरू में ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाने की उम्मीद है।
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आमान परिवर्तन का काम दिसंबर के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। हरहाल में तय अवधि में आमान परिवर्तन का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद मैलानी-पीलीभीत के बीच ट्रेनों का संचालन शुरू होगा। - राजेंद्र कुमार, पीआरओ इज्ज्तनगर मंडल
माला जंगल में पटरी बिछाने को आधे रास्ते कोे किया तैयार । संवाद