पीलीभीत/मझोला। खेत में कार्य करते समय हाईटेंशन लाइन का करंट उतरने से महिला समेत दो लोग उसकी चपेट में आ गए। हादसे में मजदूर बेसुध होकर गिर गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, वहीं पावर कारपोरेशन ने भी जांच शुरू कर दी।
न्यूरिया क्षेत्र के सड़ा गांव निवासी चंद्रसेन (53) रविवार को गांव की ही महिला रेश्मा देवी के खेत पर गन्ने की फसल में खाद लगाने गए थे। खेत के निकट से ही हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। कार्य करते समय अचानक खेत में करंट उतर आया। चंद्रसेन करंट की चपेट में आकर जमीन पर गिर गया।
कुछ दूरी पर खड़ी महिला मजदूर को बचाने के लिए मौके पर पहुंची तो वह भी करंट की चपेट में आकर झुलस गई। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में विद्युत आपूर्ति को बंद कराया गया। इसके बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने दोनों को संभाला। बेसुध अवस्था में पड़े चंद्रसेन को गांव में ही रेेत का ढेर में दबाया गया।
हालत में सुधार न होने पर सीएचसी ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं झुलसी महिला का भी न्यूरिया सीएचसी ले जाकर उपचार कराया गया। उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। जानकारी के बाद न्यूरिया पुलिस मौके पर पहुंची। जानकारी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। श्रमिक के परिवार में पत्नी सोमवती के अलावा तीन पुत्र हैं।
अवैध रूप से पड़े तार को लेकर भी शुरू हुई जांच
चर्चा है कि जिस खेत में करंट उतरा, उसके नजदीक ही एक ग्रामीण की झोंपड़ी है। पास से ही गुजरने वाले हाईटेंशन लाइन में अवैध रूप से तार डालकर सप्लाई ली जा रही थी। डाले गए तार के जरिये करंट जमीन में उतर आया। पावर कारपोरेशन के अवर अभियंता उमेश कुमार का कहना है कि अवैध रूप से तार डालने की जानकारी मिलने पर मामले की जांच शुरू की गई है।
बारिश को देखते हुए पावर कारपोरेशन ने जारी की एडवाइजरी
बारिश में करंट उतरने से होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए पावर कारपोरेशन की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। जिसमें बिजली के खंभों को छूने से बचने, खंभों से पशुओं को न बांधने, यथासंभव बिजली लाइनों के नीचे न खड़ा होने, नए भवनों से बिजली लाइनों की उचित दूरी बनाए रखने के अलावा खेत की मेड़ पर खड़े खंभे से दूरी बनाकर जोताई करने समेत अन्य बिंदु शामिल किए गए हैं। स्पार्किंग होने पर क्षेत्रीय कर्मचारियों और अधिकारियों को सूचना देने की बात कही गई है।