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Pilibhit News: पीटीआर में बाघों के साथ पक्षियों का भी विशाल साम्राज्य

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जार्डन बुशचैट पक्षी । स्रोत -वाइल्ड लाइफर
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कलीनगर। हरियाली की अद्भुत छटा और बाघों की बेहतर मौजूदगी से लगातार सुर्खियां बटोर रहे पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में दुर्लभ पक्षियों का भी विशाल साम्राज्य है। इनमें कई ऐसे पक्षी भी हैं जो भारत के अन्य जंगलों के मुकाबले सिर्फ पीटीआर में ही दिखते हैं। बेहतर जलवायु और वास स्थल पक्षियों के लिए भी मुफीद साबित हो रहे हैं। पर्यटन सत्र के दौरान बर्ड वाचर पीटीआर में भ्रमण कर पक्षियों की खूबसूरती को करीब से निहारते हैं।
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तराई क्षेत्र के इस जिले में नहरों का जाल, शारदा डैम की वादियां और बेहतर ग्रास लैंड के बीच में स्थित जंगल पर्यटकों को काफी खुशी देता है। बाघ और तेंदुए को जंगल में विचरण करते देखने की चाह भी पर्यटकों को यहां खींच लाती है। वहीं, दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों का कलरव जंगल की शोभा और बढ़ा देता है। यहां करीब सौ प्रजाति के पक्षी प्रवास करते हैं। करीब दो सौ प्रजाति के पक्षी यहां के मूल निवासी हैं।
हाल ही में पीटीआर भ्रमण करने पहुंचे अंतरराष्ट्रीय पक्षी विशेषज्ञ रिचर्ड ग्रिमेट, टिम इंस्किप और कैरल इंस्किप को भी पीटीआर में पक्षियों की 60 प्रजाति देखने को मिली थीं।
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महोफ और बराही के जंगल में दिखती है दुर्लभ बंगाल फ्लोरिकन
पीटीआर में वैसे तो तीन सौ से अधिक पक्षियों की मौजूदगी पाई जाती है। इनमें दुर्लभ पक्षी बंगाल फ्लोरिकन भी पीटीआर की शोभा बढ़ा रहा है। इस अद्भुत पक्षी को पीटीआर के महोफ और बराही रेंज में देखा जा सकता है। फरवरी से मई के बीच बंगाल फ्लोरिकन ग्रासलैंड क्षेत्र में दिखाई देता है। यह जंगली तीतर या वन तीतर फीजैन्ट कुल का एक पक्षी है। इसका मूल निवास गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों की घाटियों में है।


जार्डन बुश चैट पक्षी का सिर्फ पीटीआर में दिखने का दावा
पीटीआर में जार्डन बुश चैट पक्षी भी पाया जाता है। पीटीआर में पक्षियों को लेकर काम कर रहे अख्तर मियां का कहना है कि इस पक्षी को भारत में सिर्फ पीटीआर में ही आसानी से देखा जा सकता है। इसके अलावा स्वाम्प फ्रेकोलिन, हागसन स्टोनचैट, वेस्ट हिमालयन बुश वार्वलर, स्लेटी वुडपैकर समेत अन्य दुर्लभ पक्षियों भी पीटीआर में पाए जाते हैं।


गिद्धों की भी हैं सात प्रजातियां
विलुप्त हो रहे प्राकृतिक के सफाई कर्मी गिद्धों को भी पीटीआर का जंगल मुफीद साबित हो रहा है। यहां 250 से अधिक गिद्ध पाएं जाते हैं। खास बात यह है कि इनमें गिद्धों की सात प्रजातियां पाई जाती है।बराही और हरीपुर रेंज में गिद्धों की सातों प्रजातियां पाई जाती हैं। जो पारिस्थितिकी तंत्र का दुर्लभ नमूना है।


पीटीआर में पक्षियों का विशाल साम्राज्य है। कई दुर्लभ पक्षी भी पाए जाते हैं। इनमें से जार्डन बुश चैट पक्षी भारत में सिर्फ पीटीआर में ही आसानी से देखने को मिलता है। इसको असम के काजीरंगा नेशनल पार्क में भी देखा गया है लेकिन वहां इसके दर्शन सुलभ नहीं है।
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- अख्तर मियां, अध्यक्ष, वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन सोसायटी

जार्डन बुशचैट पक्षी । स्रोत -वाइल्ड लाइफर

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