गुरु गोविंद सिंह की जयंती पर मजारा गुरुद्वारे से नगर कीर्तन निकाला गया। जिसमें 30-40 वाहन शामिल थे। नगर कीर्तन में रागी जत्था के सुखपाल सिंह व कीर्तन जत्था के दिलबाग सिंह गुरु की महिमा का बखान करते हुए चल रहे थे। नगर कीर्तन में सबसे गतका पार्टी, बैंडबाजा, गाड़ी पर सवार पंच प्यारे, गुरु गोविंद सिंह की पालकी और भारी संख्या में संगत चल रही थी। नगर कीर्तन का जगह जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। नगर कीर्तन सिमरा, पचपेड़ा व मैनी गुलड़िया गुरुद्वारा होते हुए पुन: मजारा गुरुद्वारे में आकर समाप्त हो गया। व्यवस्था में सरदारा सिंह, रंजीत सिंह, संतोष सिंह, गुरू दयाल सिंह ढिल्लो, वीरेंद्र शर्मा, बसंत सिंह, दलवीर सिंह, जसबीर सिंह, चरनजीत सिंह आदि प्रमुख रूप से चल रहे थे।