जिला अस्पताल में मरीजों को देखते चिकित्सक। संवाद
पीलीभीत। मानसून आने के बाद अब लगभग रोज ही बारिश हो रही है। वातावरण में नमी बढ़ने से त्वचा संबंधी बीमारियां होने लगी हैैं। अस्पतालों में वायरल के साथ दाद-खाज, खुजली के रोगी बढ़ गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि त्वचा संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए बारिश में भीगने से बचें। अगर भीग भी जाएं तो तुरंत कपड़े बदलें।
बदलते मौसम में कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जिला अस्पताल में पहले से ही बड़ी संख्या में वायरल के मरीज आ रहे थे। बारिश होने के बाद अब दाद-खाज, खुजली के रोगियों की संख्या भी बढ़ गई है। जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को बारिश के बीच 740 मरीज पहुंचे। इनमें सबसे अधिक मरीज बुखार और दाद-खाज, खुजली के थे। बातचीत में मरीजों ने बताया कि शरीर में खुजली होने से परेशानी बढ़ी है। चिकित्सक से परामर्श लेकर दवा ली है।
फिजिशियन डॉ. रमाकांत सागर के अनुसार बारिश में फंगल इन्फेक्शन की समस्या बढ़ जाती है। साफ-सफाई और भीगने से बचकर इससे बचाव किया जा सकता है। अगर त्वचा में किसी तरह की दिक्कत है तो उसे नजरअंदाज न करें। तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें।
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माधोटांडा सीएचसी में 58 मरीजों में अधिकांश खुजली के रहे
शहर के अलावा देहात क्षेत्रों में भी दाद-खाज, खुजली की समस्या तेजी से बढ़ी है। बृहस्पतिवार को माधोटांडा सीएससी में कुल 58 मरीज ओपीडी में पहुंचे। चिकित्सकों के मुताबिक, इनमें से अधिकांश मरीजों को दाद-खाज, खुजली की समस्या थी। उन्हें परामर्श देने के बाद दवाई दी गई।
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ये बरतें सावधानी
- बारिश में भीगने से बचें।
- शरीर के साथ आसपास भी सफाई का ध्यान रखें।
- गीले कपड़े पहनने से बचाव करें।