-गांव के ही लोगों ने शपथपत्र के साथ डीएम से की थी शिकायत
- 4.28 लाख रुपये के दुरुपयोग का लगाया था आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। मरौरी ब्लॉक के गांव कंजा हरैया में निर्माण कार्याें में घपलेबाजी की शिकायत हुई थी। डीएम के निर्देश पर हुई जांच में वर्ष 2021-22 से अब तक कराए गए कार्यों में 4.28 लाख रुपये का दुरुपयोग सामने आया है। डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने प्रथम दृष्टया प्रधान को दोषी मानते हुए वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। सचिव पर भी कार्रवाई के लिए जिला विकास अधिकारी को लिखा गया है।
मरौरी ब्लॉक के गांव कंजाहरैया के जसविंदर कौर, तारक समोदर ने शपथपत्र के साथ डीएम से शिकायत की थी। कहा था कि ग्राम पंचायत में वर्ष 2021- 22 से कराए गए निर्माण कार्यों में प्रधान और सचिव ने घपला किया है। डीएम ने इसकी जांच अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत और आरईएस के जेई को सौंपी थी।
दोनों अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट 26 दिसंबर को डीएम को सौंप दी। डीएम ने जांच रिपोर्ट में प्रथम द़ष्टया प्रधान नीतू मित्रा को दोषी पाते हुए उनके वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज करने के आदेश दिए हैं।
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अंतिम जांच के लिए कमेटी का किया गठन
मामले की अंतिम जांच भी कराई जाएगी। इसके लिए डीएम के निर्देश पर जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के निदेशक और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को नामित किया गया है। दोनों अधिकारियों से 15 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी गई है। इसके साथ ही मरौरी खंड विकास अधिकारी को गांव के कार्यों के लिए निर्वाचित सदस्यों की सूची भेजने के लिए कहा है, ताकि कमेटी का गठन किया जा सके।
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जांच रिपोर्ट के बाद प्रधान को दोषी मानते हुए वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को सीज किया गया है। कार्यों के संचालन के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा। मामले की अंतिम जांच भी कराई जा रही है।
- सतीश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी