- रोहणी नक्षत्र में अभिषेक की सालों से चली आ रही है परंपरा
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। शहर के मोहल्ला साहूकारा में स्थित राधारमण मंदिर में हर साल दिन में 12 बजे रोहणी नक्षत्र में जन्माष्टमी मनाई जाती है। सालाें से यही परंपरा चली आ रही है। यहां वृंदावन की तर्ज पर कान्हा के जन्म का उत्सव मनाया जाता है।
साहूकारा मोहल्ले में स्थित राधारमण मंदिर करीब साढ़े पांच सौ साल पुराना है। मंदिर के माघ्वगौड़ेश्वराचार्य सुधीर चंद्र गोस्वामी ने बताया कि पिछली पांच पीढि़यों से उनका परिवार मंदिर में सेवा कर रहा है। वृंदावन के राधारमण मंदिर की तर्ज पर ही यहां भी मंदिर में बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे अभिषेक शुरू हो जाएगा।
अभिषेक के लिए विशेष तैयारी की गई है। दूध, दही, मक्खन, शहद आदि के अलावा करीब डेढ़ सौ जड़ी-बूटियों से मंत्रोच्चारण के साथ कान्हा का जलाभिषेक किया जाएगा। दिन में 12 से 1:30 बजे तक अभिषेक के बाद शाम को भगवान का शृंगार होगा। इसके बाद रात 12 बजे भगवान कृष्ण की आरती होगी व प्रसाद वितरण होगा।
भारत में पीलीभीत और वृंदावन में ही हैं राधारमण मंदिर : माघ्वगौड़ेश्वराचार्य
राधारमण मंदिर के माघ्वगौड़ेश्वराचार्य सुधीर चंद्र गोस्वामी बताते हैं कि राधारमण के पूरे भारत में महज दो ही मंदिर हैं। इनमें एक वृंदावन में दूसरा पीलीभीत में हैं। दोनों ही राधारमण मंदिर में दिन में अभिषेक होता है।
शहर के मोहल्ला साहुकारा स्थित श्री राधा रमण मंदिर । संवाद