पीलीभीत। जिलाधिकारी संजय कुमार की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की बैठक गांधी सभागार में हुई। बैठक में गोमती नदी के किनारे स्थित गांवों को ओडीएफ व ओडीएफ प्लस कराने के निर्देश दिए। साथ ही विकेंद्रीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को लागू किए जाने पर अधिकारियों से चर्चा की गई।
शुक्रवार को देर शाम हुई बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि कूड़ा व प्लास्टिक नदी में प्रवाहित न होने पाए। इसके लिए गोमती नदी व सहायक नदी में मिलने वाले नालों की सूची तैयार की जाए तथा प्रत्येक नाले में जाली लगाई जाए। इस दौरान कृषि विभाग को निर्देश दिए कि गोमती नदी के किनारे स्थित गांवों में जैविक कृषि पद्धति तथा जल संचयन संबंधित सिंचाई पद्धतियों को बढ़ावा दिया जाए।
उन्होंने कहा कि गोमती उद्गम स्थल के किनारे स्थित गांवों व नगर पंचायतों में गंगा आरती का आयोजन कराया जाए। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने जिला पर्यावरण समिति की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में जानकारी ली।
इस दौरान अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत पकडि़या नौगवां ने अवगत कराया गया कि भूमि चिह्नीकरण के लिए सर्वे कराया जाना प्रस्तावित है। बैठक में जिलाधिकारी ने सीएनजी स्टेशन, पंजीकृत सीएनजी वाहनों के जानकारी प्राप्त की। एआरटीओ ने अवगत कराया कि 518 सीएनजी वाहनों का पंजीकरण किया जा चुका है।
15 वर्ष से अधिक वाहनों के निष्प्रोज्य किए जाने के संबंध में जानकारी प्राप्त की तो एआरटीओ ने अवगत कराया कि 245 वाहनों को नोटिस निर्गत किए गए है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कुमदेंद्र कलाकर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।