पीलीभीत। जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में धनराशि 15 हजार रुपये से बढ़ाकर अब 25 हजार रुपये कर दी गई है। बैठक में जिलाधिकारी ने कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से अधिक से अधिक आवेदन करवाएं, इस योजना में प्रत्येक आवेदन पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 50 रुपये दिए जाएं।
बुधवार को गांधी सभागार में हुई बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रगति गुप्ता ने बताया कि मिशन वात्सल्य योजना के तहत जनपद स्तर, ब्लॉक स्तर, नगर पालिका एवं ग्राम स्तर पर बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों का गठन किया जाता है। बैठक में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड एवं सामान्य) निराश्रित महिला पेंशन योजना आदि की प्रगति की समीक्षा की गई। बताया कि शासन के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के पात्र बच्चों को स्पांसरशिप योजना में जोड़ा जा रहा है। इस दौरान योजना के नवीन आवेदन प्रस्तुत किये गए। बैठक में प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के 21 आवेदन पत्र स्वीकृत किये गए हैं। साथ ही जनपद में चाइल्ड हेल्पलाइन मार्च माह से स्थापित कर दिया गया था। इसमें अभी तक कुल 66 प्रकरण प्राप्त हुए हैं। बाल श्रम अभियान एवं बाल तस्करी अभियान में 20 बच्चे मिले जिनके पुनर्वासन के संबंध में कार्यवाही की जा रही है। इस मौके पर बैठक में मुख्य विकास अधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।