ब्लाक संसाधन केंद्रों पर छह साल से जमे ब्लाक सह समन्वयकों का कार्यकाल पूरा होने के बाद इन्हें कार्यमुक्त करने का आदेश बीएसए ने जारी कर दिया है। बीएसए ने इन शिक्षकों को कार्यमुक्त होने की तिथि तक अपने मूल पद व विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के आदेश दिए हैं। इधर, बीआरसी पर नई नियुक्तियों को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। शासन ने परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक गुणवत्ता सुधार को ब्लाक स्तर पर विषयवार ब्लाक सह समन्वयक तैनात किए थे। अपने जिले में वर्ष 2011 में ब्लाक स्तर पर सह समन्वयकों की तैनात की गई थी। वर्ष 2013 में कार्यकाल पूरा होने के बाद शासन के निर्देश पर इन सभी का कार्य 31 मार्च तक बढ़ा दिया गया। शासन के निर्देशानुसार इन सभी ब्लाक सह समन्वयकों को स्कूलों में जाकर शिक्षण कार्य करना था, लेकिन अधिकांश सह समन्वयक आदेशों को दरकिनार कर स्कूलों मेें पढ़ाना छोड़ ब्लाक संसाधन केंद्रों पर डेरा डाले रहे। इधर शासन ने इन सह समन्वयक बने शिक्षकों का कार्यकाल पूरा होने के बाद कार्यमुक्त करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद महकमे ने जिले के विभिन्न ब्लाक संसाधन केंद्रों पर तैनात 23 सह समन्वयकों को कार्यमुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की। इधर डीएम के अनुमोदन के बाद बीएसए ने इन सभी ब्लाक सह समन्वयकों को पदस्थापन आदेश जारी किए हैं। बीएसए ने जारी आदेश में कहा कि सह समन्वयक कार्यमुक्त होने की अंतिम निर्धारित तिथि तक प्रत्येक दशा में सह समन्वयक के पद से कार्यमुक्त होकर अपने मूल पद एवं विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करें। इस संबंध में बीएसए मसऊद अख्तर अंसारी ने बताया कि जिने ब्लाक सह समन्वयकों का कार्यकाल पूरा हो चुका है, उन्हें पदस्थापन आदेश जारी किए है। निर्धारित तिथि पर कार्यमुक्त होकर विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के आदेश जारी किए गए हैं। इधर ब्लाक संसाधन केंद्रों पर नए ब्लाक सह समन्वयकों की नियुक्ति को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। डीएम ने शासन स्तर से कोई स्पष्ट शासनादेश न आने तक नियुक्ति कार्रवाई करने से इंकार किया है।