अनम हत्याकांड में लापरवाही
बरते वाला दरोगा निलंबित
एसपी ने माना, गंभीर होता दरोगा तो बच जाती अनम की जान
- मेला में ड्यूटी के दौरान एसपी ने की अमरिया में तैनात दरोगा पर कार्रवाई
- तीन दिसंबर को लापता हुई थी अनम, दरोगा के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। अनम हत्याकांड में अमरिया थाने में तैनात दरोगा राम किशोर की लापरवाही सामने आने पर तत्कालीन एसपी दिनेश कुुमार पी ने उसे निलंबित कर दिया। एसपी का मानना है कि जानकारी मिलने के बाद अगर दरोगा मामले को गंभीरता से लेता तो अनम की जान बचाई जा सकती थी। जांच रिपोर्ट के बाद एसपी ने निलंबन की कार्रवाई की है। दरोगा के विरुद्ध विभागीय जांच भी शुरू करा दी गई है।
अमरिया क्षेत्र के ग्राम माधोपुर निवासी अनीस की पुत्री अनम तीन दिसंबर को सुबह गंभीर हालत में खेत में मिली। हालांकि कुछ समय बाद ही उसकी मौत हो गई। दो दिसंबर को चाचा शादाब अनम को गांव सरैंदा पट्टी में मेला दिखाने ले गया था। इसके बाद अनम दादा शहजादे की मेला में लगी दुकान से लापता हो गई थी। इसकी जानकारी परिवार वालों ने मेला चौकी प्रभारी दरोगा रामकिशोर को दी। दरोगा ने जानकारी होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे अनम के परिवार वाले अपने मकसद में कामयाब हो गए। रात में नींद की गोली देकर उसे छिपा दिया और सुबह उसकी हत्या कर दी। दरोगा ने अनम के लापता होने की अफसरों को सूचना देना उचित नहीं समझा। न ही उसे ढूंढने की कोई कोशिश की। तत्कालीन एसपी दिनेश कुमार पी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अमरिया इंस्पेक्टर मुकेश शुक्ला से दरोगा की जांच कर रिपोर्ट मांगी। प्रथम दृष्टया जांच में दरोगा की लापरवाही सामने आने पर तत्कालीन एसपी ने निलंबित कर दिया। मामले की जांच सीओ सदर प्रतीक दहिया को दी गई है।