तीन दिवसीय दौरे पर आए वन मंत्री फरीद महफूज किदवई को बराही गेस्ट हाउस में मंगलवार को वन अधिकारियों के साथ बैठक करनी थी, लेकिन उनके बिना बैठक किए ही लखनऊ चले जाने के बाद यहां पहुंचे मुख्य वन संरक्षक एमपी सिंह ने बैठक ली। उन्होंने कहा कि टाइगर रिजर्व बनने के बाद हमारा पहला दायित्व बाघ की सुरक्षा है और इसके लिए सभी को गश्त बढ़ाने के साथ ही अपने सूत्रों को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा अब वन दरोगा एवं वन रक्षक जंगल में मोटर साइकिलों से गश्त नहीं करेंगे। प्रत्येक रेंज में वन दरोगा व वनरक्षक टीम बनाकर पैदल और साइकिल से गश्त करेंगे। गश्त के दौरान पगमार्क ट्रेस करने के लिए पेपर एवं अन्य सामग्री भी साथ रहेगी। उन्होंने कहा कि जंगल के अंदर टाइगर रिजर्व का स्टाफ गश्त करेगा वहीं वन्यजीव के जंगल से बाहर आने पर सामाजिक वानिकी की टीम निगरानी करेगी। वन्यजीवों के कीटनाशक के संपर्क में आने से हो रही मौत पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जंगल से सटे क्षेत्र के किसानों से मिलकर कीटनाशक का प्रयोग कम करने की अपील की जाए साथ ही स्प्रे के बाद जीवों के खेत में न पहुंचने के लिए उपाय करवाए जाएं। बैठक में टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश, सामाजिक वानिकी के आदर्श कुमार, बिजनौर के डीएफओ विजय सिंह व शाहजहांपुर के डीएफओ एनके सिंह, एसडीओ डीपी सिंह, रेंजर डीके सिंह, केपी सिंह, आरके रौतेला सहित सभी रेंजर, डिप्टी रेंजर, वनदरोगा मौजूद रहे।