सुचेतना समाज सेवा के कस्बा स्थित आशादीप केंद्र में डीआरडीए के जेसी जोशी ने एनआरएलएम के बारे जानकारी देते हुए बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से खाता खुलवाने के तीन माह बाद 15 हजार रुपये फंड मिलता है। ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक जगदीश चंद्र व बैंक ऑफ बड़ौदा के शाखा प्रबंधक वेदप्रकाश ने बैंक से महिलाओं को ऋण व ब्याज के दरों की विस्तार से जानकारी दी। डीडीएम एके रावत ने समूह की महिलाओं को आय वृद्धि के बारे में बताते हुए कहा कि इस तरह की आय से समूह की महिलाएं रोजगार से जुडने के साथ आत्मनिर्भर भी हो सकेगी। सम्मेलन में करीब 20 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भाग लिया। इस मौके पर ब्रिटा, रमिला, अशोक कुमार, आनंदपाल, योगेंद्र कुमारी, कमलेश, मुकेश, लता आदि मौजूद रहे।