पूरनपुर क्षेत्र के गांव खिरकिया बरगदिया में धरने पर बैठे लोग।स्रोत:ग्रामीण
पूरनपुर। शारदा नदी की बाढ़, कटान से हुए नुकसान का सर्वे न होने से पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिल पाया है, जिससे वे भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। इसी के विरोध में गांव खिरकिया बरगदिया में रविवार को तीसरे दिन भी बेमियादी क्रमिक धरना प्रदर्शन जारी रहा। सभा में शारदा नदी के कहर के अलावा खेतों में जंगली जानवरों के घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाने पर भी रोष व्यक्त किया गया।
रविवार को धरने पर शिवशंकर, रामकुमार, परमात्मा, कमलेश, रामायन, तारकेश्वर, विध्यांचल, बासदेव, बालदेव और उनके समर्थन में गांव के ही कई लोग बैठे। धरना स्थल पर हुई सभा में कहा गया कि शारदा नदी की बाढ़ और कटान से हुए नुकसान का अब तक सर्वे तक नहीं किया गया। इससे पीड़ितों को कब तक मुआवजा मिलेगा कुछ पता नहीं है।
सभा में जंगली जानवरों के खेतों में घुसकर फसलों को खाने और नुकसान पहुंचाने पर भी रोष व्यक्त किया गया। तय हुआ कि समस्या को लेकर शीघ्र डीएफओ से मिलकर जंगल किनारे तार फेंसिंग कराने की मांग की जाएगी। दूसरी ओर रविवार को नदी का कटान धीमा होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।