ब्रह्मचारी घाट पर यहीं किया गया था मूर्ति विसर्जन। संवाद
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पीलीभीत। प्रशासन की लापरवाही के कारण विसर्जित की गईं गणेश प्रतिमाएं कूड़े के ढेर में मिली। यह देखकर लोगों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने हंगामा कर दिया। देर रात तक घाट पर हंगामा जारी रहा।
ब्रह्मचारी घाट पर देवहा नदी के किनारे प्रशासन ने नगरपालिका की ओर से बड़ा गड्ढा बनवाकर पानी भरवा दिया था। पानी रोकने के लिए गड्ढे में पन्नी बिछाई गई थी। मंगलवार को पीलीभीत महाराष्ट्र मंडल समेत पांच प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया था। इस दौरान अन्य लोगों ने भी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया। रात में किसी समय नगरपालिका के कर्मचारियों ने गड्ढे में बिछाई गई पन्नी को निकाल लिया। इससे पानी सूख गया और गणेश प्रतिमाएं वैसे ही रखी रह गईं। बुधवार को कूड़े के ढेर भी इन्हीं प्रतिमाओं के पास डाल दिए गए। शाम को जब लोग घाट की ओर गए, तो प्रतिमाओं को कूड़े के ढेर में देखा। इस पर वे लोग भड़क गए। खबर मिलते ही भीड़ एकत्र हो गई।
सूचना पर कोतवाल नरेश त्यागी फोर्स के साथ मौके पर पहुुंच गए और लोगों से वार्ता की, मगर लोग नहीं माने। लोगों का कहना था कि जिला प्रशासन और नगरपालिका ने गणेश प्रतिमाओं का नहीं, बल्कि सनातन धर्म का अपमान किया है। हंगामा होने की सूचना पर नगरपालिका के कर्मचारी दोबारा गड्ढे में पानी भरने गए, तो लोगों ने कर्मचारियों को खरी खोटी सुनाकर वहां भगा दिया। लोगों का कहना था कि सम्मान के साथ अब देवहा नदी में प्रतिमाओं का विजर्सन किया जाएगा। देर रात तक घाट पर हंगामा जारी रहा।
ब्रह्मचारी घाट के पास कूड़े के ढेर में पड़ी मूर्तियां। संवाद- फोटो : PILIBHIT