गांव गहलुइया में बना ग्राम सचिवालय।
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पीलीभीत। ग्रामीणों को सहूलियत देने के लिए जिले की सभी 720 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय बनाए गए। यहां हाईस्पीड इंटरनेट, कॉमन सर्विस सेंटर जैसी कई सुविधाएं शुरू होनी थी, लेकिन अधिकारियों के कागजी दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। अभी तक जिले के एक भी ग्राम सचिवालय में ठीक से इंटरनेट सेवा भी उपलब्ध नहीं कराई जा सकी।
720 ग्राम पंचायतों में से 708 में कंप्यूटर व अन्य जरूरी सामान पहुंच चुका है। ग्राम सचिवालय बनाने के पीछे सरकार की मंशा है कि गांव के लोगों के सभी कार्य वहीं किए जाएं। चाहे वो प्रधानमंत्री आवास योजना हो या शौचालय, विधवा पेंशन या वृद्धा पेंशन के आवेदन हों या लेखपाल से जुड़ा कोई कार्य। पंचायती राज विभाग ने इन सचिवालयों पर कॉमन सर्विस सेंटर की सुविधा देने की शुरुआत की, ताकि खतौनी से लेकर तमाम प्रमाणपत्रों के आवेदन वहीं से हो सके, लेकिन ये सुविधाएं इंटरनेट सुविधा न होने के कारण अटक गईं।
नहीं पहुंचते लेखपाल, सूूना रहता सचिवालय
ग्राम सचिवालयों को लेकर शासन के निर्देश थे कि क्षेत्र का लेखपाल, ग्राम पंचायत सचिव सप्ताह में एक दिन ग्राम सचिवालयों में बैठेंगे। पंचायत सहायक को नियमित बैठकर काम करने थे, लेकिन अधिकतर जगह ऐसा नहीं हो रहा। कस्बों से दूर बने ग्राम सचिवालयों में नहीं पहुंचते। डीपीआरओ का कहना है कि कुछ जगह दिक्कतें आ रही हैं। शिकायतें भी मिली हैं। ग्राम सचिवालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएंगी।
अभी सभी ग्राम सचिवालयों में ब्रॉडबैंड सेवा उपलब्ध नहीं हो पाई है। डोंगल के माध्यम से काम किया जा रहा है। जल्द सचिवालयों में इंटरनेट की केबल पहुंच जाएगी। कुछ सचिवालयों में अभी कॉमन सर्विस सेंटर शुरू नहीं हुआ है उसे भी जल्द शुरू कराने की तैयारी है। -वाचस्पति झा, डीपीआरओ