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गन्ना मूल्य घोषित न हुआ तो दो जनवरी से मिलों पर शुरू होगा धरना : वीएम सिंह

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शुक्रवार को बरखेड़ा में सभा को संबोधित करते किसान नेता वीएम सिंह।
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बजाज चीनी मिल में किसान मजदूर संगठन के धरनास्थल पर पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष
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बीते साल के भुगतान को लेकर मिल प्रबंधन से वार्ता हुई विफल
बरखेड़ा (पीलीभीत)। बीते सत्र का बकाया भुगतान न होने पर राष्ट्रीय किसान संगठन ने शुक्रवार सुबह से मिल के केन यार्ड में धरना शुरू कर दिया। दोपहर में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएम सिंह ने चीनी मिल पहुंचकर यूनिट हेड व अन्य अधिकारियों को बुलाया व बातचीत की, मगर वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद उन्होंने 31 दिसंबर तक गन्ने का उचित मूल्य घोषित न होने पर दो जनवरी से प्रदेश की सभी चीनी मिलों पर धरना देने का एलान किया।
बजाज हिंदुस्थान चीनी मिल का पेराई सत्र बीती 10 नवंबर को शुरू हुआ था। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ता उसी दिन मिल के यूनिट हेड राकेश यादव से मिले थे और बीते वित्तीय वर्ष का बकाया भुगतान कराने की मांग की थी। यूनिट हेड ने बकाया भुगतान 15 दिसंबर तक करने का लिखित आश्वासन दिया था। यही नहीं एसडीएम को ज्ञापन देकर 16 दिसंबर से मिल में धरना देने की चेतावनी दी गई थी। तय समय में भुगतान न होने पर शुक्रवार को किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने गन्ना किसानों के साथ चीनी मिल के केन यार्ड में धरना शुरू कर दिया।
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धरना स्थल पर पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएम सिंह ने चीनी मिल के यूनिट हेड राकेश यादव और जीएम गन्ना एके त्रिपाठी को धरनास्थल पर बुलाकर बातचीत की। यूनिट हेड ने बीते सत्र का बकाया भुगतान आगामी फरवरी माह तक करने की बात कही। इस पर धरनास्थल पर मौजूद किसान राजी नहीं हुए। दिसंबर में ही पिछले वर्ष का बकाया भुगतान मांगा। इस पर अधिकारी लौट गए।
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वीएम सिंह ने कहा कि बीते वर्ष विधानसभा चुनाव होने पर सरकार ने 26 सितंबर को गन्ने का उचित मूल्य घोषित कर दिया था, लेकिन आज 16 दिसंबर हो जाने के बावजूद अब तक गन्ने का उचित मूल्य सरकार ने घोषित नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार 31 दिसंबर तक गन्ने का उचित मूल्य घोषित नहीं करती तो आगामी दो जनवरी से प्रदेश की चीनी मिलों पर धरना दिया जाएगा।
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