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पति निकला नाबालिग: विवाहिता की मौत मामले में सास और ससुर दहेज हत्या में दोषी, अदालत ने सुनाई सात साल की सजा

Sun, 02 Oct 2022 12:29 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत

सार

पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना में पति सूरज मिश्रा, ससुर महेश मिश्रा, सास राजेश्वरी को दोषी पाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान पति नाबालिग निकला। इस पर आरोपी पति की पत्रावली सुनवाई के लिए किशोर न्यायालय भेज दी गई।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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पीलीभीत में दहेज हत्या में अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय राजीव सिंह ने सास-ससुर को दोषी पाते हुए दो-दो हजार का अर्थदंड और सात-सात साल की सजा से दंडित किया है। सुनवाई के दौरान पति नाबालिग निकला। इस पर आरोपी पति की पत्रावली सुनवाई के लिए किशोर न्यायालय भेज दी गई।

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बरखेड़ा क्षेत्र के शिवओम मिश्रा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें कहा कि उसकी पुत्री प्राची (19) की शादी चार मई 2017 को गांव दियोरा के सूरज मिश्रा के साथ की थी। दहेज में पुत्री के पति सास राजेश्वरी, ससुर महेश मिश्रा एक लाख रुपये, बाइक की मांग कर परेशान करते थे।

27 नवंबर 2017 को महेश मिश्रा ने फोन पर सूचना दी कि पुत्री ने फांसी लगा ली। पत्नी के साथ पुत्री की ससुराल पहुंचे तो वहां पुत्री की लाश बरामदे में थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना में पति सूरज मिश्रा, ससुर महेश मिश्रा, सास राजेश्वरी को दोषी पाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान सूरज मिश्रा को पांच जनवरी 2021 को नाबालिग घोषित होने के बाद पत्रावली किशोर न्यायालय भेजने के आदेश के बाद ससुर व सास की पत्रावली अलग कर सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में कई गवाह पेश किए। न्यायालय ने दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद सास, ससुर को दोषी पाते हुए दंडित किया। अभियोजन पक्ष की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता अपराध रेखा देवी शर्मा ने की।
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मारपीट करने वाले चार भाइयों को तीन-तीन साल की सजा
पीलीभीत। विशेष न्यायाधीश शिवा पांडेय ने घर में घुसकर मारपीट करने वाले चार भाइयों को दोषी पाते हुए दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड और तीन-तीन वर्ष की सजा सुनाई है।
थाना सुनगढ़ी के गांव सडा गौटिया के हर दयाल ने थाना सुनगढ़ी में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि 19 अगस्त 2012 को उसकी मां का गांव निवासी राममूर्ति से झगड़ा हो गया था। इसी झगड़े को लेकर 20 अगस्त 2012 को बालकराम, हरप्रसाद, मनोहर व बाबूराम ने लाठी-डंडों के साथ गाली-गलौज करते हुए घर में घुस आए। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद चारों आरोपियों को दोषी पाते हुए तीन-तीन साल की सजा से दंडित किया है।

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