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साढ़े पांच हजार से अधिक बेटियों के हाथ अब कैसे होंगे पीले

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पीलीभीत। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी के लिए अनुदान के रूप में मिलने वाली सरकारी मदद अब नहीं मिल पाएगी। सरकार ने शादी अनुदान योजना बंद कर दी है। जिले में 5652 आवेदकों को मायूसी मिली है। बेटियों के माता-पिता की चिंता बढ़ गई है कि उनकी बेटी के हाथ अब कैसे पीले होंगे।
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प्रदेश सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग, एससी-एसटी और अल्पसंख्यक और सामान्य वर्ग की जरूरतमंद बेटियों की शादी के लिए अनुदान उपलब्ध कराया जाता रहा है। ये योजना अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के माध्यम से संचालित की जाती थी। योजना का लाभ पाने के लिए आवेदकों को बेटी की शादी से 90 दिन पहले या 90 दिनों बाद तक ऑनलाइन आवेदन करना होता था। सत्यापन के बाद पात्र आवेदकों को सरकार की तरफ से 20-20 हजार रुपये की अनुदान राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती थी। पिछले वित्तीय वर्ष में योजना का लाभ मिला था, लेकिन इस बार बजट न आने से अनुदान नहीं मिल सका। कुछ दिन पूर्व शासन ने योजना बंद करने का आदेश जारी कर दिया।
बजट तो मिला लेकिन आवेदकों को नहीं दिया
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को चालू वित्तीय वर्ष पांच सौ आवेदन मिले। वहीं, समाज कल्याण विभाग को एससी वर्ग में 1476 आवेदन मिले। वहीं सामान्य वर्ग में 649 आवेदन आए। बीडीओ स्तर से 72 का सत्यापन भी हुआ। वहीं पिछड़ा वर्ग में 3527 आवेदन हुए। विभाग को शासन से 51 लाख का बजट भी मिला, लेकिन बजट जारी होने के कुछ दिन बाद ही इसके आहरण पर रोक लगा दी। नए आवेदन लेने पर भी रोक लगा दी। अब शासन ने आदेश जारी किया है कि योजना के तहत आवेदन न लिया जाए। सिर्फ सामूहिक योजना के तहत ही अनुदान दिया जाएगा।
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शादी योजना के तहत आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं। इस बार बजट भी नहीं मिला है। शासन ने योजना बंद कर दी है। -केपी सिंह, जिला अल्पसंख्यक/पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी
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