नगर पालिका वर्ष 1917-18 में गृहकर वसूली में कोई वृद्धि नहीं करेगी। पिछली वृद्धि के अनुसार ही एक साल के गृहकर की वसूली की जाएगी। हालांकि पिछले साल गृहकर में हुई वृद्धि में जिन लोगों की सुनवाई नहीं हुई, उनकी सुनवाई पुरानी गठित समिति करेगी। यह निर्णय नगर पालिका बोर्ड की बैठक में लिया गया। नगर पालिका चेयरमैन प्रदीप जायसवाल लल्लन की अध्यक्षता में हुई बैठक में गृहकर वसूली पर विचार विमर्श हुआ। बैठक में लेखाकार अमित मिश्रा ने बताया कि स्वकर प्रणाली के लिए गजट भेजा गया था, लेकिन नोटिफिकेशन नहीं हो पाया। डिमांड न होने पर वसूली प्रभावित हो रही है। सदन तय करें कि वर्ष 1917-18 गृहकर की वसूली कैसे हो। नगर पालिका सदस्य तौफीक अहमद कादरी ने पूर्व की भांति वसूली का प्रस्ताव रखा। चंद्रसेन वर्मा का कहना था कि पिछले साल ही दस प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है। अब ऐसे में हर साल गृहकर में वसूली का औचित्य नहीं है। इस पर सर्वसम्मति से गृहकर में वसूली न करने का निर्णय लिया गया। गृहकर वृद्धि को लेकर पिछले साल जिन लोगों की सुनवाई नहीं हुई। उन लोगों की सुनवाई पुरानी गठित कमेटी द्वारा कराने का निर्णय लिया गया। बैठक में ईओ वीपी सिंह, सदस्य नदीम अहमद, इकरार अहमद, तौफीक अहमद कादरी, शादाब अली, सुमित पांडेय, आदित्य मोहन शर्मा, शैलेंद्र गुप्ता, रमेश प्रजापति, बसंत भारती, ऋषिपाल, चंद्रसेन वर्मा, नादिर रजा बरकाती, फारूक कुरैशी, मसीतुल्ला, महेश यादव, बन्नो बेगम, मशरूफन, राममूर्ति देवी, रेखा देवी, हसीना, विमला सक्सेना, राना परवीन आदि रहे। संचालन लेखाकार अमित मिश्रा ने किया।