दो दिन पहले ललित हरि चीनी में ब्लास्ट होने के बाद से पेराई ठप हो गई थी। मिल प्रबंधन ने जैसे तैसे आधी क्षमता के साथ दोबारा पेराई शुरू करा दी है। इसके साथ ही यार्ड में खड़े गन्ने भरे ट्रकों के अनलोडिंग के साथ क्रय केंद्रों पर भी मंद गति से तौल शुरू कर दी गई है।बताते चलें कि दो दिन पहले मिल के ग्रेडर हाउस में ब्लास्ट में तीन श्रमिकों की मलबे में दबकर मौत हो गई थी। आधा दर्जन श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद से मिल में पेराई कार्य ठप हो गया था। मिल से जुड़े 70 हजार किसानों को मैसेज भेज कर उनसे स्थिति सामान्य होने तक गन्ना न लाने का अनुरोध भी किया गया। इससे गन्ना तौल को क्रय केंद्र पहुंचे किसानों को खासी असुविधा हो रही थी। मिल के जीएम एचआर आशीष गुप्ता ने बताया कि मिल प्रबंधन का रविवार से ही यह प्रयास चल रहा था कि डैमेज हुए भाग को सही होने से पहले ही पेराई शुरू करा दिया जाए। मिल की टेक्निकल टीम ने फिलहाल इसमे सफलता प्राप्त कर ली है। रविवार को ट्रायल के तौर पर चलाई गई मिल से पेराई व चीनी उत्पादन का कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि चीनी के बोरे भरने वाला बिन प्लांट और चीनी भरे बोरों को गोदाम तक पहुंचाने का प्लांट अभी डैमेज है लिहाजा मैनुअल कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल मिल आधी क्षमता से 50 हजार क्विंटल गन्ना प्रतिदिन पेर रही है। पूरी क्षमता से पेराई कार्य शुरू करने में मिल प्रबंधन को अभी कम से कम 10 दिन लग सकते हैं।