धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले आपत्तिजनक वीडियो और लखीमपुर में हुए बवाल ने प्रशासन की टेंशन बढ़ा दी है। शांति व्यवस्था के लिहाज से जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पुलिस गश्त के साथ सोशल साइट्स (व्हाट्सएप व फेसबुक) ग्रुप की निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन और पुलिस के अफसर खुद कई ग्रुपों से जुड़ गए हैं। व्हाट्सएप व फेसबुक आदि सोशल साइट्स पर निगरानी की जिम्मेदारी साइबर सेल को दी गई थी। जिले के समस्त थानेदारों के डिजिटल वालंटियर ग्रुप बनाए गए थे, लेकिन अफसरों की ओर से शुरू की गई कवायद कुछ ही दिनों में धीमी पड़ गई। मगर मातहतों के तबादले के साथ डिजिटल वालंटियर योजना शुरू होने के साथ ठप हो गई। बृहस्पतिवार को लखीमपुर में हुए बवाल के बाद जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। बृहस्पतिवार रात से सोशल साइट्स पर निगरानी तेज कर दी गई है। कुछ ग्रुपों को सर्विलांस पर लिया गया है। ताकि उनकी एक्टिविटी पर नजर रखी जा सके। पब्लिक से भी ऐसे वीडियो पोस्ट करने वालों को तत्काल ग्रुप से रिमूव करने के साथ उनके नंबर व पोस्ट की जानकारी तत्काल प्रशासन व पुलिस अफसरों को देने की अपील की है। सभी सर्किल अफसरों और थानेदारों को अपने इलाके में भ्रमण करने के निर्देश दिए गए हैं। एसपी देवरंजन वर्मा ने बताया कि अधिकांश ग्रुपों में कोई न कोई पुलिसकर्मी सदस्य है। वह इसी के जरिए ग्रुप पर निगरानी कर रहा है। कुछ ग्रुपों पर सर्विलांस की मदद से नजर रखी जा रही है। आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।