बिलसंडा (पीलीभीत)। गांव परेवा तुर्रहा में शनिवार को गाय का खीस खाने से एक परिवार के चार लोगों समेत 25 की हालत बिगड़ गई। पेट खराब होने के साथ ही लगातार उल्टियां होने से गांव में खलबली मच गई। एंबुलेंस की मदद से सभी को बिलसंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां गर्भवती समेत चार की हालत गंभीर देख उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। देर शाम तक हालत में सुधार होने पर 21 लोगों को घर भेज दिया गया। डॉक्टरों का कहना है कि फूड प्वाइजनिंग से ऐसा हुआ है।
गांव परेवा तुर्रहा निवासी गयाप्रसाद ने बताया कि उनकी पालतू गाय ने शुक्रवार रात बछड़े को जन्म दिया था। इसके बाद खीस को निकालकर उन्होंने एक बर्तन में रख दिया। सुबह करीब दस बजे पड़ोस के घरों में खीस बांट दिया। खीस खाने के करीब दो घंटे बाद लोगों की हालत बिगड़ने लगी। जिसने भी खीस खाया उल्टी के साथ उसे दस्त होने लगे। गया प्रसाद के परिवार में भी चार लोगों की भी तबीयत बिगड़ गई।
एकाएक इतनी बड़ी संख्या में लोगों की हालत बिगड़ने पर गांव में खलबली मच गई। एंबुलेंस की मदद से बीमार लोगों को बिलसंडा सीएचसी ले जाया गया। जहां से गर्भवती लीलावती के अलावा राहुल, रवि और मोहिनी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया तो अन्य का सीएचसी पर उपचार शुरू किया गया। हालात सामान्य होने पर शाम तक सभी को घर भेज दिया गया।
बीमार होने वालों में पारुल, निशा, शालिनी, आयुष, निशा, अर्चना, आदित्य, रवि कुमार, मोहिनी, राहुल, शशिकांत, दीक्षा, रोहित, गीता देवी, लीलावती, उषा, सुमन, शामश्री, कमला देवी, गया प्रसाद, मुन्नी, वैष्णो, निशा, सावित्री, नत्थो आदि शामिल हैं।
--
खीस खाने से फूड प्वाइजनिंग हो गई, जिससे कई लोग बीमार हो गए। इलाज के बाद सभी की हालत सामान्य है। एहतियात के तौर पर चार लोगों को रेफर किया गया है। गांव में टीम भेज कर सर्वे भी कराया गया हैं।
- मनीश शर्मा, सीएचसी अधीक्षक
एक के बाद एक बीमार पड़ते चले गए ग्रामीण
पीलीभीत। बिलसंडा के गांव परेवा तुर्रहा में गाय की खीस खाने बाद एक-एक करके लोग बीमार पड़ते चले गए, ग्रामीण को कुछ देर तक यह समझ ही नहीं आया कि आखिर मामला क्या है। चिकित्सकों के फूड प्वाइजनिंग बताने के बाद लोग पूरा मामला समझ सके। इसके बाद सर्वे के लिए गांव पहुंची सीएचसी की टीम को दस अन्य लोग भी खीस खाने से बीमार मिले। जिन्हें जरूरी दवाएं दी गईं।
खीस खाने के बाद गया प्रसाद समेत परिवार के चार लोगों को उल्टी दस्त की समस्या शुरू हुई। पहले परिवार के लोग कुछ नहीं समझ सके, इस दौरान पड़ोस के लोगों को भी उल्टी और दस्त की समस्या होने लगी। एक घंटे तक एक के बाद एक के वे लोग बीमार पड़ने लगे जिन्होंने खीस खाई थी। ग्रामीणों में खलबली मच गई। गनीमत रही कि समय रहते सभी का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर उपचार शुरू करा दिया गया।
प्रभारी अधीक्षक मनीष शर्मा ने बताया कि सीएचसी के चिकित्सक डॉ. भूपेंद्र, अखलाक और गौरव ने गांव पहुंचकर स्थिति को परखा। दस अन्य लोगों भी समस्या से पीड़ित मिले। सभी को जरूरी दवाएं दे दी गईं हैं। हालांकि एक साथ गांव के 25 लोगों के बीमार होने से गांव में दहशत देखी गई। संवाद