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बुखार ने उजाड़ दी नवाब खां की जिंदगी: ज्वर पीड़ित दो सगे भाइयों की मौत, घर में बचीं बस दो बेटियां

Sat, 26 Nov 2022 08:00 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत

सार

एनएस वन जांच रिपोर्ट में दोनों को डेंगू की पुष्टि होना बताया जा रहा है। तीन दिन पहले बुखार आने के बाद दोनों को बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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मृतक अरबाज और जुनैद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीलीभीत के नौगवा पकड़िया के नवाब खां की बुखार ने दुनिया ही उजाड़ दी। दो दिन के भीतर उनके दो जवान बेटों अरबाज (21) और जुनैद (16) की मौत हो गई। एनएस वन जांच रिपोर्ट में दोनों को डेंगू की पुष्टि होना बताया जा रहा है। तीन दिन पहले बुखार आने के बाद दोनों को बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बृहस्पतिवार को अरबाज और शुक्रवार को छोटे भाई जुनैद ने दम तोड़ दिया।

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घर लाने के बाद बृहस्पतिवार शाम को शव को सुपुर्द ए खाक किया गया। नवाब खां ने बताया कि छोटे पुत्र जुनैद को भी बुधवार को बुखार आ गया था। उसे भी बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी भी एनएस वन जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी। शरीर में संक्रमण फैल गया था। शुक्रवार सुबह दस बजे जुनैद ने भी दम तोड़ दिया। गमगीन माहौल के बाद जुनैद के शव को बृहस्पतिवार शाम को सुपुर्द ए खाक किया गया। एक ही परिवार में दो दिन में दो मौत होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मचारी उनके घर पर नहीं पहुंचा। लोगों का आक्रोश चरम पर है।

नवाब के बुढ़ापे की लाठी टूटी
नवाब के दो ही पुत्र थे। चार दिन पूर्व आए बुखार ने दोनों बेटों को छीन लिया। बेटों की मौत से नवाब व उनका परिवार पूरी तरह से टूट गया है। उनके बुढ़ापे का अब कोई सहारा नहीं रहा। जवान बेटों की मां नसरीन का भी रोरोकर बुरा हाल है। नौगवा पकड़िया में जिसने भी इस दुखद घटना को सुना, वह नबाव को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंच गया। आंखों में आंसू लिए नवाब यह कहते दिखे कि बेटों को पढ़ाई करा रहे थे। बड़ा बेटे अरबाज ने एक सप्ताह पहले ही बीए द्वितीय वर्ष में दाखिला लिया था। बच्चों को पढ़ा लिखाकर किसी लायक बनाना था। जिससे वह उनके बुढ़ापे की लाठी बन सके। लेकिन सारे सपने टूट गए।

घर में बस दो बेटियां ही बचीं
नवाब के चार बच्चे थे। इनमें दो पुत्रियां हुमैरा और आफरीन व दो पुत्र अरबाज व जुनैद थे। परिवार का सहारा बनने वाले दोनों बेटे दुनिया से जुदा हो गए। घर में दो बेटियां ही अब मां-बाप का सहारा है। भाइयों को याद कर बहनों की आंखों से आंसू नहीं रुक रहे हैं।

डेंगू और बुखार से जिले में अब तक 24 मौतें, स्वास्थ्य विभाग मान रहा सिर्फ चार
डेंगू और बुखार से जिले में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग केवल चार ही मौतों को डेंगू से होना मान रहा है। सवाल यहां आंकड़ों का नहीं जिंदगी का है। नवाब ने अपने दो लड़के खो दिए। इसी तरह अन्य 20 परिवारों ने भी एक-एक सदस्य खोया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग डेंगू से लड़ने के बजाय मौतों को झूठलाने में मेहनत कर रहा है। शहर से सटे नौगवा पकड़िया में सबसे ज्यादा हालत खराब है। एक महीना हो गया यहां मौतों का सिलसिला जारी है। अधिकारियों ने अब तक कोई ऐसी व्यवस्था नहीं की बुखार पर काबू पाया जा सके। साफ सफाई व स्वास्थ्य विभाग के शिविर के नाम पर महज खानापूर्ति ही की जा रही है और नतीजा सामने है।
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नौगवा में एक परिवार के दो लोगों की मौत होने की जानकारी मिली है। जांच के लिए टीम गठित की गई है। टीम को बरेली के अस्पताल भेजकर भी जांच कराई जाएगी। इसके बाद ही कुछ कहना संभव होगा। - डॉ. आलोक कुमार, सीएमओ
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