पीलीभीत। नौगवा पकड़िया के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। जिम्मेदारों की अनदेखी का खामियाजा क्षेत्र की जनता को चुकाना पड़ रहा है। बीते 22 दिनों में बुखार से छह लोगों की मौत हो चुकी हैं। हर दूसरे घर में बुखार के मरीज मिल रहे हैं। बुधवार को भी बुखार ने एक किशोर की जान ले ली थी। स्वास्थ्य विभाग के लोग यहां सिर्फ औपचारिकता निभा रहे हैं। साफ सफाई भी नहीं हो रही। इसको लेकर क्षेत्र को लोगों में जबरदस्त आक्रोश है।
नौगवा पकड़िया के रहने वाले धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि यहां गली मोहल्लों में गंदगी पटी पड़ी है। नाले-नालियां चोक हैं। बारिश के बाद नालियों का हाल और खराब हो गया है। मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ा है। दवा का छिड़काव नहीं किया गया, जिसके चलते स्थिति बिगड़ रही है। बुखार से लगातार लोगों की जान जाने का सिलसिला जारी है।
सुमन अवस्थी का कहना था कि गंदगी से बुखार बढ़ रहा है। हालात बिगड़ने के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। वहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यहां का पानी दूषित है। इसी कारण दूषित पानी पीने से टाइफाइड हो रहा है। बुधवार को नौगवा गए सीएमओ ने लोगों से पानी को उबाल कर पीने को कहा था ताकि बीमारी से बचाव हो सके।
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देवांक की मां समेत आसपास के सात लोग बुखार से पीड़ित
बुधवार को बुखार से हुई 15 वर्षीय किशोर देवांक की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र में कैंप किया, लोगों की जांच कराई, लेकिन इससे लोग संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि कैंप में जांच के के लिए खून तो लिया जा रहा है, लेकिन रिपोर्ट नहीं बताई जा रही। दवा के नाम पर कुछ गोलियां दी जा रही हैं। बावजूद इसके कई लोग बुखार से पीड़ित है। इस समय देवांक की मां ममता के अलावा आसपास के सात अन्य लोग भी बुखार से पीड़ित हैं।
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नौगवा पकड़िया के लोगों को भर्ती करने से बच रहे निजी अस्पताल वाले
राजेश मिश्रा ने बताया कि पुत्र देवांक की हालत खराब होने पर मंगलवार शाम को उसको शहर के तीन निजी अस्पतालों में लेकर गए, लेकिन कोई भी भर्ती करने को राजी नहीं हुआ। चौथे अस्पताल में पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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इन लोगों की बुखार से हुई मौत
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि एक अक्तूबर से अब तक छह लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है। जिसमें मूलचंद प्रजापति, सुरेश चंद्र, खुशहालो देवी, सुरेश प्रजापति, हरचरन लाल के अलावा 15 वर्षीय देवांक शामिल है।
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बोले लोग- बिगड़ रहे हालात, जिम्मेदार बने अंजान
नौगवा में बुखार से लोग परेशान हैं। विभाग की ओर से बस जांच कराई जा रही है। दवाओं का छिड़काव नहीं कराया जा रहा। जिम्मेदार अंजान बने बैठे हैं।
- धर्मेंद्र कुमार
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स्वास्थ्य विभाग को लगातार यहां कैंप कर एक-एक व्यक्ति की जांच करानी चाहिए। इससे स्थिति स्पष्ट हो सके। गंदगी को दूर करने के प्रयास किए जाए।
- सुमन अवस्थी
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नौगवा का पानी दूषित है। जिस कारण लोगों को टाइफाइड और बुखार हो रहा है। यहां स्वास्थ्य शिविर लगवाया गया है। रिपोर्ट बनाकर डीएम को भेज दी गई है।
- डॉ. आलोक कुमार, सीएमओ
पूरनपुर : डेंगू से पूर्व प्रधान की मौत
पूरनपुर। शेरपुर कलां के पूर्व प्रधान बद्दल खां की डेंगू से बरेली के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पूर्व प्रधान के पुत्र फैज खान ने बताया कि पिता को 20 अक्तूबर को इलाज के लिए पीलीभीत एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था। चिकित्सक ने वहां उनकी जांच कराई। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। हालत में सुधार न होने पर 25 अक्तूबर को उन्हें बरेली के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अनिकेत गंगवार ने बताया कि बुखार से मौत की जानकारी नहीं है। अगर डेंगू से मौत हुई है तो शेरपुर में शुक्रवार को शिविर लगाया जाएगा। संवाद