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मानसिक बीमारी को छिपाएं नहीं, खुलकर बताएं

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जिला अस्पताल में विश्व मानसिक दिवस में आयोजित कार्यक्रम में बोलते चिकित्सक। - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर सोमवार को जिला अस्पताल परिसर में कार्यशाला हुई। एसीएमओ और साइकोलॉजिस्ट ने लोगों में मानसिक बीमारियों से संबंधित भ्रम को दूर करने के लिए जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित कई बीमारियों से लोग अंजान रहते हैं। मानसिक बीमारी को छुपाने के बजाय खुलकर बताएं।
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एसीएमओ डॉ केके जौहरी ने मानसिक बीमारियों के बारे में चर्चा कर उसके लक्षण बताकर बचाव के तरीके साझा किए। साइकोलॉजिस्ट डॉ. पल्लवी सक्सेना ने कहा कि मानसिक बीमारियों का सही समय पर पता चलने पर उसे दवाइयों के जरिए भी ठीक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जनरल फिजिशियन, कॉर्डियोलॉजिस्ट या अन्य डॉक्टर मरीज में मानसिक विकार के लक्षण को पाता है तो वह बिना किसी देरी के उसे मनोचिकित्सक के पास रेफर करें। जिससे समय रहते मरीज का उपचार जल्द किया जा सके।
डॉ. पल्लवी ने बताया कि मानसिक बीमारी में कई प्रकार के लक्षण सामने आते हैं। इसमें डिप्रेशन में व्यक्ति हमेशा उदास रहता है। खासतौर से सुबह के समय, उसकी किसी काम को करने में कोई रुचि नहीं रहती। कई बार मृत्यु या आत्महत्या का भी ख्याल आता है। इसके अलावा बायपोलर इफेक्टिव डिसऑर्डर में व्यक्ति कभी डिप्रेशन में तो कभी अधिक उन्मादी हो जाता है। उसमें गुस्सा बढ़ जाता है। वह एक जगह पर अधिक समय के लिए नहीं बैठ पाता। लोगों पर शक करने की समस्या बढ़ जाती है।
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इसी प्रकार ओब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर में व्यक्ति एक ही काम को बार-बार दोहराता रहता है। हाथों को बार-बार धोता है। बार-बार साबुन के इस्तेमाल करने की वजह से ऐसे लोगों के हाथों की खाल गल जाती है। इस मौके पर फिजिशियन डॉ. रमाकांत सागर, राजेश गंगवार आदि मौजूद रहे।
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