बीसलपुर। गांव किशनी में बुधवार की सुबह तेज बुखार से एक बालक की मौत हो गई। यहां कई ग्रामीण बुखार की चपेट में आकर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। ग्रामीणों के जानकारी देने के बावजूद अधिकारी अंजान बने हुए हैं।
गांव निवासी सत्यपाल कश्यप ने बताया कि उनका पुत्र कार्तिक (7) पिछले तीन दिनों से तेज बुखार की चपेट में था। उसका उपचार गांव के ही एक झोलाछाप के पास चल रहा था। बुधवार को सुबह उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि गांव के ही करनपाल, माया देवी, सलोनी देवी और मुस्कान समेत कई लोग बुखार की चपेट में हैं।
स्वास्थ्य विभाग के कोई ध्यान न देने से बुखार पीड़ित गांव के ही झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर हैं। गांव के ताराचंद गंगवार ने बताया कि उनके गांव में बुखार लगभग एक सप्ताह से फैला है। बुखार फैलते ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फोन पर जानकारी दी थी, लेकिन इसके बावजूद किसी ने बचाव का कोई उपाय नहीं किया।
स्वास्थ्य विभाग की इस अनदेखी को लेकर ग्रामीणों में रोष है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. लेखराज गंगवार ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। बृहस्पतिवार को गांव में टीम भिजवाई जाएगी।