बीसलपुर। नगर के मोहल्ला रामनगर निवासी महावीर सिंह के कारगिल युद्ध के दौरान दोनों पैरों में गोली लगी थी।
महावीर सिंह ने बताया कि उस समय वह पोस्ट कमांडर थे और नौसेरा सेक्टर में तैनात थे। वह एलओसी पर ड्यूटी कर रहे थे। उनके और दुश्मनों के बीच में केवल सवा सौ मीटर की दूरी थी। उस समय 24 घंटे गोलीबारी होती थी। उस लड़ाई में पाकिस्तान के काफी ज्यादा सैनिक मारे गए थे। लड़ाई के दौरान उनके दोनों पैरों में गोली लगी थी। उसके बाद उनका उधम सिंह नगर के सैनिक अस्पताल में लगभग तीन माह तक उपचार हुआ था। लड़ाई के दौरान भारतीय सैनिकों को 24 घंटे बेहद सतर्क रहना पड़ता था। कारगिल की उस लड़ाई में उनके साथी पूरनपुर के सैनिक सुंदर सिंह और एक शाहजहांपुर के साथी भी घायल हो गए थे। महावीर सिंह बताते हैं कि उस समय की अपेक्षा सेना अब और अधिक मजबूत हुई है। महावीर सिंह ने मंगलवार की रात भारत द्वारा पाकिस्तान पर किए गए हवाई हमले को अच्छी कार्रवाई बताया। महावीर सिंह ने बताया कि वह वर्ष 2002 में सेवानिवृत हो गए थे। इस समय उनकी उम्र 74 वर्ष है लेकिन सरकार यदि उन्हें बुलाएगी, तो अब भी वह दुश्मनों से लड़ने को तैयार हैं।