पीलीभीत। धार्मिक कार्य कराने के नाम पर लोगों से रुपये वसूल कर सदस्य बनाया गया। इसके बाद प्रति माह 10 हजार रुपये वेतन देने का आश्वासन दिया गया। कुछ दिन बाद ठग कार्यालय बंद कर भाग गए। पीड़ितों ने थाना सुनगढ़ी में नारायण नंद महाराज समेत पांच के खिलाफ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
अमरिया क्षेत्र फरदिया माधौपुर गांव निवासी प्रमोद कुमार ने सुनगढ़ी पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि नारायण नंद महाराज ने पूर्व में गौहनिया चौराहे पर एक कार्यालय खोला था। जिसकी जानकारी होने पर वह कार्यालय पर पहुंचा तो वहां पूर्व अध्यक्ष तुलाराम व वर्तमान अध्यक्ष नेत्रपाल वर्मा मिले। जानकारी करने पर उक्त लोगों ने संस्था की ओर से धर्म के कार्य करने के लिए सदस्य बनने के लिए कहा।
इसके लिए आठ हजार रुपये प्रति सदस्य जमा करने के लिए कहा। संस्था में कार्य करने वालों को प्रति माह 10 हजार रुपये का वेतन देने की बात कही गई। इसपर उसके अलावा क्षेत्र के कई लोग संस्था का कार्य करने लगे।
कुछ समय बाद नारायण नंद महाराज और अध्यक्ष नेत्रपाल ने 13 से 17 अक्तूबर तक महायज्ञ चक्रतीर्थ में कलश यात्रा निकालकर यज्ञ करने की बात कही। जिसकी पूर्व में एसडीएम अमरिया से अनुमति भी ली गई। आरोप है कि 15 अक्तूबर को नारायण नंद महाराज व अन्य लोग जहानाबाद स्थित चक्रतीर्थ से भाग गए।
आरोप है कि नारायण नंद महाराज, अकाउंटेंट पुष्पा उसके चालक शिवम पांडेय, अध्यक्ष राजन व नेत्रपाल ने घोखाधड़ी कर करोड़ों रुपये हड़प लिए। थाना प्रभारी पवन कुमार पांडेय ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।