जिला विकास अधिकारी एके सिंह चंद्रोल ने कहा कि समूह के सदस्य हस्तशिल्प को आमदनी का बेहतर जरिया बनाकर अपना जीवन स्तर सुधार सकते हैं। उन्होंने यह विचार स्वयं सहायता समूहों के प्रशिक्षण के समापन पर प्रमाणपत्र वितरण के समय व्यक्त किए। समेकित जल संग्रहण प्रबंधन के तहत स्वयं सहायता समूहों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण जिला प्रशिक्षण संस्थान में चल रहा था। तीन दिन में समूह सदस्यों को समूह संचालन, बचत, आमदनी का लेखा जोखा आदि समझाने के साथ समूह के माध्यम से शुरू किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान महिलाओं को डिब्बा बनाने एवं पुरूषों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण एवं अभ्यास भी कराया गया। शुक्रवार को प्रशिक्षण के समापन पर अग्रणी बैंक प्रबंधक केए सिद्दीकी ने समूहों को बैंक से मिलने वाले ऋण, उसकी ग्रेडिंग, खाता संचालन आदि की जानकारी दी, जबकि परियोजना अर्थशास्त्री जेसी जोशी ने समूह द्वारा उत्पादों के बिक्री आदि के बारे में बताया। जिला प्रशिक्षण अधिकारी रामेश्वर प्रसाद ने समूह द्वारा किए जाने वाले कार्य एवं बैठकों की जानकारी दी। समापन पर सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र और बैग आदि वितरित किए गए। इस मौके पर प्रशिक्षक पंकज कुमार, विपिन कुमार व कंचन बाबू सहित कई लोग मौजूद रहे।