राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा गारंटी योजना के पात्रों की जांच में अब तक डेढ़ हजार लोग अपात्र पाए गए हैं। इनके नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सर्वे कराकर पात्रों का चयन किया गया था। पात्र मिले लाभार्थियों को खाद्यान्न सामग्री लेने के लिए पर्ची भी दी गई थी। इसमें अपात्रों का चयन होने और पात्रों को योजना के लाभ से वंचित करने का आरोप लगाते हुए शिकायतों का सिलसिला शुरू हुआ। कई बार हंगामा कर लोगों ने प्रदर्शन भी किया। लगातार मिल रही शिकायतों को डीएम ने गंभीरता से लेकर फिर जांच के निर्देश दिए थे। जांच में ग्राम पंचायत सचिवों को पात्रों की सूची दी गई। साथ ही निर्देश दिए गए कि वर्ष 2014-15 में ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों में पात्रों के हुए चयन को संज्ञान में लेते हुए पात्रों का चयन करें। ग्राम पंचायत सचिवों ने सर्वे कर सूचियां तैयार कर ली। बीडीओ सतीश पांडेय ने बताया कि सचिवों से मिली सूचियों को सप्लाई विभाग को भिजवा दिया गया है। पूर्ति निरीक्षक वीर सिंह ने बताया कि प्राप्त सूचियों में से साठ ग्राम पंचायतों की सूचियों को वेबसाइट पर अपलोड कराया जा चुका है। साठ ग्राम पंचायतों में डेढ़ हजार से अधिक अपात्र पाए गए हैं। उनके नाम सूचियों से हटा दिए गए हैं।