शासन ने अगस्त माह में ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन की अधिसूचना जारी की थी। इसके तहत एक हजार से अधिक आबादी के राजस्व गांव को अलग कर नई ग्राम पंचायत बनाए जाने थे। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने विकास खंडों के माध्यम से नई ग्राम पंचायतों के लिए प्रस्ताव मांगे थे। इसके तहत जिले के सभी ब्लाकों से 269 प्रस्ताव मिले थे। इन प्रस्तावों की जांच के बाद जिला पंचायतराज विभाग ने 12 नवंबर को 120 नई ग्राम पंचायतों की अनंतिम सूची तैयार की थी। इन सूचियों को संबधित ब्लाक पर भेजकर आपत्तियां मांगी थीं। आपत्तियों का निस्तारण कर 15 दिसंबर तक अंतिम सूची निदेशायलय भेजी जानी थी ताकि शासन इसका गजट कराकर सूचियों का प्रकाशन कराया जा सके। लेकिन निर्धारित समय सीमा निकलने के बाद भी पंचायतों के पुनर्गठन की सूची तैयार नहीं हो सकी है। ग्राम पंचायतों की स्थिति स्पष्ट न होने से अभी भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है और इसमें बदलाव के लिए लोग विकास भवन के चक्कर काट रहे हैं।
ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन की सूची तैयार कर ली गई है। डीएम की अध्यक्षता में बैठक कर इसकी संस्तुति कराकर जल्द शासन को भेजा जाएगा।
वीपी सक्सेना, डीपीआरओ।