मुस्तफाबाद गेस्टहाउस में व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराते वनकर्मी।
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पीलीभीत। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के भ्रमण कार्यक्रम में बदलाव हुआ है। पहले उनका कार्यक्रम दो गांवों में होना था, जो अब पांच गांवों में होगा। कार्यक्रम में बदलाव की सूचना पर सोमवार को अफसरों में खलबली मची रही। अफसरों की टीम शारदा क्षेत्र के कई गांव में निरीक्षण करने को पहुंची। वह हेलिकॉप्टर से आएंगी या सड़क मार्ग से... इस पर अभी असमंजस है।
अगले सप्ताह राज्यपाल का संभावित दौरा हो सकता है। राज्यपाल पहले लखीमपुर और उसके बाद जिला पहुंचेगी। मुस्तफाबाद और नौजल्हा गांव में उनका भ्रमण होना था। दोनों जगह हेलिपैड बनाए जा रहे थे। सोमवार को राजभवन से जिला प्रशासन के पास सूचना पहुंची कि राज्यपाल अब सड़क मार्ग से आएंगी। लेकि इसके कुछ देर बाद राजभवन से यह भी सूचना आई कि हेलिपैड की तैयारी रखें। वह शारदा पार के कुछ गांव भी जाना चाहती हैं। सूत्रों का कहना है कि वह टाटरगंज, बमनपुरी और ढेहला जा सकती हैं। अफसर बदले हुए कार्यक्रम के तहत तैयारियों को मुकम्मल करने में जुट गए हैं। सोमवार को कई अफसर शारदा पार के गांव का निरीक्षण करने पहुंचे। वहां व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
टाइगर रिजर्व प्रशासन ने व्यवस्थाओं का खींचा खाका
राज्यपाल के टाइगर रिजर्व के भ्रमण कार्यक्रम को लेकर भी वन अफसरों रूपरेखा तैयार कर ली है। इसके लिए मुस्तफाबाद से लेकर चूका बीच तक तीन रेंजर समेत पचास वनकर्मियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। चूका बीच की अरण्य कुटी और वॉटर हट की व्यवस्थाओं में सुधार किया जा रहा है। वहीं जंगल सफारी के भ्रमण का प्लान भी अफसरों ने शामिल किया गया है। डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने बताया कि सुबह और शाम की शिफ्ट में सफारी कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
कच्चे मार्ग कराए जाएंगे दुरुस्त
जंगल सफारी को लेकर अफसर ने रूपरेखा तैयार कर ली है। अफसरों का कहना है कि दौरे से एक दिन पूर्व ही बरसात से जहां भी अव्यवस्था हुई है उसको दुरुस्त कराया जाएगा। इसके लिए जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
‘राज्यपाल के संभावित दौरे के कार्यक्रम में थोड़ा बदलाव हुआ है। वह लखीमपुर से सड़क मार्ग से भी आ सकती हैं। शारदा पार के कुछ गांव भी जाने का कार्यक्रम है। बदले हुए कार्यक्रम के हिसाब से तैयारियों को पूरा किया जा रहा है।’ - पुलकित खरे, डीएम