बीसलपुर के गांव नूरानपुर की रामलीला में लीला का मंचन करते कलाकार । स्रोत - मेला कमेटी
बीसलपुर। गांव न्यूरानपुर की रामलीला में बृहस्पतिवार को अहिल्या उद्धार और गंगा अवतरण की लीला का मर्मस्पर्शी मंचन हुआ। भगवान श्रीराम की चरणरज के स्पर्श से अहिल्या के शापमुक्त होते ही दर्शक जय-जयकार करने लगे।
लीला मंचन के दौरान विश्वामित्र भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को जनकपुरी में सीता स्वयंवर में ले जाते हैं। रास्ते में घने जंगल के बीच एक सुनसान आश्रम को देखकर भगवान श्रीराम विश्वामित्र से वहा पड़ी एक शिला के बारे में पूछते हैं तो विश्वामित्र बताते हैं कि पति गौतम ऋषि के श्राप से उनकी पत्नी अहिल्या पत्थर की बन गईं हैं। वह इसी आश्रम में आपके चरणरज की प्रतीक्षा में पड़ी हैं। इनका उद्धार कीजिए।
यह सुनते ही श्रीराम आश्रम के भीतर जाते हैं और अहिल्या का उद्धार करते हैं। श्राप मुक्त होकर वास्तविक स्वरूप में आते ही अहिल्या हाथ जोड़कर खड़ी हो जाती हैं और भगवान श्री राम का आभार व्यक्त करती हैं। इसके बाद राम और लक्ष्मण विश्वामित्र के साथ जंगल में आगे बढ़ जाते हैं। कुछ दूरी पर गंगा को देखकर भगवान राम विश्वामित्र से उनके बारे में पूछते हैं। विश्वामित्र श्रीराम को बताते हैं कि गंगा का अवतरण उनके पूर्वज भागीरथ के प्रयास से हुआ है। यह जानकर भगवान राम और लक्ष्मण गौरवान्वित हो जाते हैं। यहीं पर लीला का समापन हो जाता है।