सहकारी गन्ना समिति भवन के सामने समिति का गोदाम एवं कुछ जगह है जिसपर बाउंड्रीवाल है। पांच साल पहले इसके बराबर में बने मैकूलाल अस्पताल के स्वामी ने गेट लगाकर इस जमीन से रास्ता बनाने का प्रयास किया था जिसपर हंगामे के बाद मामला कोर्ट में विचाराधीन था। पांच साल बाद समिति प्रबंध समिति चुनाव के समय तत्कालीन चेयरमैन विनोद कुमार ने अस्पताल के मालिकों से समझौता कर रास्ते को सहमति देकर कोर्ट में समझौता नामा भेज दिया। इस पर 16 जून को प्रबंध समिति पूर्व चेयरमैन के खिलाफ सदस्यता समाप्त करने का प्रस्ताव पास किया था और डीएम के निर्देश पर सचिव ने सुनगढ़ी पुलिस ने पूर्व चेयरमैन के खिलाफ धोखाधड़ी की तहरीर दी थी जिसकी जांच चल रही है। शनिवार को कुछ लोगों ने प्रबंध समिति के लोगों को जानकारी दी कि रात में किसी समय गेट तोड़कर रास्ता बनाया जा सकता है। इस पर चेयरमैन ज्ञानवती के पति एवं अन्य सदस्य समिति पर जमा हो गए और सचिव वसी अहमद के साथ पहले डीसीओ राजेश्वर सिंह से मिले और उसके बाद एडीएम अजयकांत सैनी से मिलकर प्रकरण की जानकारी दी। एडीएम ने तत्काल एसडीएम सदर सुरेंद्र बहादुर यादव को मौके पर भेजा। एसडीए ने समिति की जमीन और पड़ोस में बने अस्पताल की स्थिति देखी साथ ही इसकी वीडियो ग्राफी भी कराई। एसडीएम ने बताया किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं करने दी जाएगी। वहीं सदस्यों ने 10 दिन बाद भी रिपोर्ट दर्ज न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एसडीएम से रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। इसको लेकर शाम के समय समिति में काफी गहमागहमी रही।