सड़क पर गड्ढों के कारण रविवार को हुए हादसे में दंपती और दो बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई थी। सोमवार को चारों की एक साथ शवयात्रा निकली तो पूरा गांव शोक में डूब गया। पति-पत्नी के शव का एक चिता पर अंतिम संस्कार हुआ तो दोनों मासूम बेटियों के शवों को पास में ही दफन कर दिया गया।
गांव परेवा अनूप निवासी ओमकार के तीन पुत्र थे। इनमें सबसे बड़ा प्रेमशंकर, दूसरा दीन दयाल और सबसे छोटा था पीतमराम था। तीनों अलग-अलग मकानों में रहते थे। पीतमराम भी पत्नी व दो बेटियों के साथ अलग रहते थे।
रविवार को बरखेड़ा के पास बाइक से आते समय पीतमराम गड्ढे में बाइक को फंसने से बचाने की कोशिश में ट्रक की चपेट में आ गया था। हादसे में पति-पत्नी व दोनों मासूम बच्चियों की मौत हो गई थी। घटना का पता चलते ही पूरा परिवार स्तब्ध रह गया।
पोस्टमार्टम कराने के बाद जब चारों शव गांव पहुंचे तो वहां ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। पीतमराम के बूढ़े पिता ओमकार और मां निर्मला देवी जवान पुत्र, पुत्र वधू और नातिनों के शव देख सुध-बुध खो बैठे। भीड़ में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। सोमवार को पति-पत्नी और दोनों बच्चियों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।