पीलीभीत। खाईखेड़ा गोआश्रय स्थल में चार गोवंशीय पशुओं की मौत के मामले में महज 48 घंटे की जांच में अलग-अलग रिपोर्ट सामने आई हैं। डीएम ने एसडीएम से रविवार रात को जांच कराई तो मौके पर 46 पशु मिले, जिनमें एक बीमार है। ठीक दो दिन पहले बीडीओ ने जांच की तो उनकी रिपोर्ट में 52 पशु बताए गए थे। दो दिन में छह पशुओं का अंतर सामने आया। जब एक पशु बीमार था तो चार पशु कैसे मर गए। दो अन्य पशु कहां है।
मरौरी ब्लॉक के गांव मोहनपुर के मजरा खाईखेड़ा में बनी अस्थायी गोआश्रय स्थल पर संरक्षित पशुओं को तय मानक के अनुसार चारा-पानी नहीं मिल पा रहा। सितंबर माह में प्रधान ओमप्रकाश को ग्रामीणों ने भूसा चोरी करते पकड़ा था। इसके बाद गोआश्रय स्थल चार फरवरी को फिर चर्चा में आ गया। यहां हिंदू संगठन के लोगों को पांच पशु मृत अवस्था में मिले थे, जबकि तीन खालें पड़ी थीं। दो पशु दयनीय हालत में थे। अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच की। इस दौरान वहां पर चार पशुओं के शव पड़े होने की बात कही गई।
शवों का पोस्टमार्टम भी कराया गया। दो खाल भी होना बताया गया। सवाल यह है कि चार फरवरी को वहां 46 पशु ही मिले, जिनमें एक बीमार था। दो फरवरी को जब मरौरी की बीडीओ मृदुला ने जांच की तो वहां पर 52 पशु होने की रिपोर्ट दी गई। इसमें कहा गया था कि भूसा और चोकर मौजूद था, जबकि हरा चारा नहीं था। एक पशु बीमार था और मृत कोई नहीं।
महज 48 घंटे में ही पशुओं को ऐसी कौन सी बीमारी हुई कि बीमार भी नहीं मिले और उनकी मौत हो गई। पूरे मामले को लेकर ललौरीखेड़ा के बीडीओ की ओर से अधिकारी जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
डीएम ने मांगा स्पष्टीकरण
खाईखेड़ा गोआश्रय स्थल में पशुओं की मौत को लेकर डीएम संजय कुमार सिंह ने बीडीओ, पशु चिकित्सक, प्रधान, सचिव का स्पष्टीकरण तलब किया है। सभी से तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है। साथ ही डीएम के स्तर से भी जांच कराई जा रही है।
घटना के बाद जांच को लगाए 40 अधिकारी
पशुओं की मौत होने के बाद डीएम ने सोमवार को ही जिला स्तर के 40 अधिकारियों को जिले की सभी 56 गोआश्रय स्थलों की जांच कराने के लिए लगा दिए। सभी को शाम पांच बजे तक पूरी रिपोर्ट के साथ बुलाया गया था। डीएम ने प्रत्येक गोआश्रय स्थलों की जांच रिपोर्ट पर चर्चा की। डीएम ने व्यवस्था सुधारने के निर्देश भी दिए।
संबंधित लोगों का स्पष्टीकरण तलब किया गया है और पूरी जांच रिपोर्ट मांगी है। सभी गोआश्रय स्थलों की जांच भी कराई गई है। अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद इसमें कार्रवाई की जाएगी।- संजय कुमार सिंह, डीएम