पूरनपुर। शारदा नदी से रविवार को सुबह भू-कटान की गति धीमी रही, लेकिन दोपहर बाद इसने फिर तेजी पकड़ ली। इस दौरान ध्रुव कॉलोनी के तीन किसानों की चार एकड़ जमीन पर लहलहा रही गन्ने की फसल नदी में समा गई। नदी अब ध्रुव कॉलोनी से महज 25 मीटर दूर रह गई है। इधर भू-कटान के विरोध में गांव खिरकिया बरगदिया में ग्रामीणों ने सांकेतिक धरना देकर प्रदर्शन किया।
रविवार को नदी का जलस्तर सुबह काफी कम होने से दोपहर तक भूकटान धीमा रहा। मगर दोपहर बाद इसने फिर तेजी पकड़ ली। इस दौरान आमीन की दो एकड़, शंभू और उसके भाइयों की एक एकड़, कश्मीर सिंह की एक एकड़ जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल नदी में समा गई।
इधर, खिरकिया बरगदिया के कटान और बाढ़ पीड़ितों ने मंदिर के समीप एक दिवसीय सांकेतिक धरना देकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम को पत्र भेजकर कटान पीड़ितों की जमीन का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने, यहां रहने वाले ग्रामीणों को ग्राम पंचायत ढक्काचांट में बसाने, बाढ़ और कटान से क्षेत्र को बचाने के लिए तटबंध बनवाने, कर्ज वसूली पर रोक लगाने और फसलों के नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की।
धरना-प्रदर्शन में प्रधान फूलमती देवी, राजकुमार, रामसुख, कंधई, रामप्यारी, अजीत सिंह, राजमंगल, अलाउद्दीन, रामसूरत, बसंत आदि शामिल रहे। प्रधान वासुदेव कुंडू ने बताया कि रविवार को बूंदाबांदी के चलते कटान रोकने के लिए नदी किनारे पेड़ की टहनियों को डालने का काम नहीं हो सका।
पूरनपुर क्षेत्र की ध्रुव कॉलोनी के समीप कटान करती शारदा नदी।स्रोत:ग्रामीण