पीलीभीत। 13 वर्ष पुराने आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में पूर्व विधायक वीएम सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सुधीर तिवारी को विशेष न्यायाधीश एमपी, एमएलए/ सिविल जज सीनियर डिवीजन प्रियंका रानी ने आरोप सिद्ध न होने पर दोष मुक्त कर दिया।
वीएम सिंह के अधिवक्ता सैयद मोहम्मद उरूज ने बताया कि 24 मार्च 2009 को जहानाबाद के तत्कालीन थानाध्यक्ष जनक सिंह पुण्डीर ने सूचना दर्ज कराई थी कि वह सरकारी जीप से नायब तहसीलदार अरुण कुमार मिश्रा के साथ शांति व्यवस्था में लगे थे। दिन में 3.30 बजे एक काफिला, जिसमें 100 चार पहिया वाहन थे, बहेड़ी की तरफ से परेवा वैश्य होकर गुजरा।
इसमें संभावित प्रत्याशी कांग्रेस पार्टी 26 लोकसभा पीलीभीत व कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुधीर तिवारी और उनके समर्थक बैठे थे। उन्होंने अपने काफिले के साथ गुजरते समय हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन किया। कुछ गाड़ियों में कांग्रेस पार्टी के झंडे लगे थे। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में कई गवाह पेश किए गए, वहीं आरोपियों ने निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी रहे पूर्व विधायक वीरेंद्र मोहन सिंह (वीएम सिंह) व कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुधीर तिवारी को दोष मुक्त कर दिया।