20 दिन बाद भी खूनी बाघ को वन विभाग नहीं पकड़ पाया है। मनाही के बाद भी ग्रामीण अभियान क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। ऐसे में वन विभाग को उन्हें रोकने में काफी समय बर्बाद हो रहा है। वहीं किसान अपनी फसल बर्बाद होने की आशंका के चलते खेतों में जाने से खुद को नहीं रो पा रहे हैं। अमरिया के हिमकनपुर और बेहरी गांव के मध्य पिछले 20 दिनों से घूम रहे बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग एवं विशेषज्ञों की बड़ी टीम लंबे तामझाम के साथ जुटी हुई है। कई प्रयास के बाद भी बाघ पकड़ में नहीं आ रहा है। पिछले दो दिनों में बाघ ने न तो कोई पड्डा मारा है और न ही वह दिखाई दिया। संभावना जताई जा रही है कि बाघ ने गन्ने अथवा जंगल घास, झाड़ियों में ही छुपा है।