22 अति संवेदनशील गांवों में तैनात होंगे वन दरोगा
वनकटी के निकट बाघ के हमले में महिला की मौत के बाद वन संरक्षक ने वनाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि जंगल से सटे 22 गांव अति संवेदनशील चिह्नित किए गए हैं। इन गांवों में सेक्टर बनाकर वन दरोगा को प्रभारी नियुक्त किया जाएगा। वन दरोगा नेतृत्व में प्रतिदिन गश्त होगी और शाम को उसकी रिपोर्ट ली जाएगी। इसके अलावा ग्रामीणों के साथ भी बैठक की जाएगी। शनिवार को वनकटी के निकट गांव मैथीसैदुल्लापुर निवासी 60 वर्षीय महिला को बाघ ने हमला कर मार डाला था। रविवार सुबह वनसंरक्षक पीलीभीत पहुंचे और टाइगर रिजर्व कार्यालय के सभागार में वनाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि नियमित गश्त के आदेश दिए गए हैं। मगर जंगल में आम लोगों की आवाजाही से यह स्पष्ट है कि गश्त में ढिलाई बरती जा रही है। अब किसी भी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जंगल किनारे के गांवों को सेक्टर बनाकर एक-एक वनदरोगा को वन रक्षक के साथ तैनात किया जाएगा, जो नियमित गश्त के साथ ग्रामीणों के संग बैठक कर उन्हीं से जंगल में आवाजाही रोकने के उपाय जानेंगे। हर हाल में जंगल में आम जनता का प्रवेश रोका जाएगा। बैठक में टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश, डीएफओ सामाजिक वानिकी आदर्श कुमार, एसडीओ केपी सिंह, रेंजर गिर्राज सिंह, डीके श्रीवास्तव, अनिल शाह, दिग्विजय सिंह, वजीर हसन, हरीश कुमार आदि मौजूद रहे।