हत्या और आत्महत्या की जांच करते लखनऊ से आई सीनियर फोरेसिंग टीम के सदस्य। संवाद
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पीलीभीत। सराफा व्यापारी पवन गोयल की मौत के मामले में शनिवार को लखनऊ से आई फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल पर जाकर क्राइम सीन रिक्रिएट किया। एक घंटे की जांच पड़ताल के बाद भी टीम किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। स्थानीय पुलिस अभी तक की जांच पड़ताल में इसे आत्महत्या मान रही है।
सुनगढ़ी के मोहल्ला गफ्फार खां निवासी सराफा व्यापारी पवन गोयल का शव 20 मई को टनकपुर हाईवे पर गत्ता फैक्टरी के पास उन्हीं की गाड़ी में मिला था। घटना वाले दिन पवन गोयल न्यूरिया के कुंवरपुर गांव में तकादे पर जाने की बात कहकर घर से शाम पौने आठ बजे निकले थे। देर रात तक जब वह घर नहीं लौटे तो परिवार वालों ने फोन किया। लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। परिवार वाले उनकी तलाश में निकले तो देर रात टनकपुर हाईवे पर गत्ता फैक्टरी के पास कार में पवन का रक्त रंजित शव मिला था। उनका पिस्टल गाड़ी में पैरों के पास पड़ा था और पिस्टल के पास ही एक कारतूस का खोखा पड़ा हुआ था।
परिवार वालों का कहना था कि पवन की हत्या की गई है। पुलिस ने पवन के भाई अरुण गोयल की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस को हत्या से संबंधित साक्ष्य नहीं मिले। पुलिस इसे आत्महत्या मान रही थी। मामले में गहनता से छानबीन के लिए शनिवार को लखनऊ से सीनियर फोरेंसिक टीम बुलाई गई। टीम पहले पवन गोयल के घर गई। यहां पूरी जानकारी जुटाई।
इसके बाद परिवार के सदस्य और शहर कोतवाल हरीश वर्धन सिंह के साथ सुबह आठ बजे घटना स्थल पर पहुंची। पवन गोयल की गाड़ी भी टीम यहां लेकर आई। इसके बाद क्राइन सीन रिक्रिएट किया गया। देखा गया कि अगर व्यापारी खुद गोली मारते तो पिस्टल कितनी दूरी पर गिरती। व्यापारी का शव किस तरफ लुढ़का हुआ था। तमाम बिंदुओं पर टीम ने जांच की। एक घंटे तक टीम हत्या और आत्महत्या की जांच करती रही, इसके बाद लखनऊ लौट गई।