पूरनपुर। शारदा नदी की बाढ़ से तबाह तीन गांवों चंदिया हजारा, कॉलोनी नंबर छह व राहुलनगर के लोगों ने गांव चंदिया हजारा के खेल मैदान में सोमवार से बेमियादी क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। शारदा नदी के उफनाने से गांव में भरा पानी भी लोगों को आंदोलन स्थल पर आने से नहीं रोक सका। लोग कमर तक पानी से होकर क्रमिक अनशन के मंच तक पहुंचे। पानी में खड़े होकर ही लोगों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। पहले दिन अनशन पर 16 लोग बैठे।
बेमियादी क्रमिक अनशन राष्ट्रगान के साथ शुरू हुआ। पिछले साल हुए आंदोलन के अगुवाकार महानंद के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। धरना स्थल पर हुई सभा में कहा गया कि गांव की ओर बह रही धारा को शारदा नदी को मुख्य धारा की ओर ले जाने के लिए चार साल पहले चेनेलाइजेशन करने के लिए मशीनें आ गईं थीं।, लेकिन ऐन वक्त पर वन विभाग ने आपत्ति जता दी। इससे चेनेलाइजेशन का काम नहीं हो सका और मशीनेंं वापस भेज दी गईं।
चार साल से वन विभाग चेनेलाइजेशन के लिए एनओसी का मामला लटकाए हुए है। इन चार सालों में 500 एकड़ से ज्यादा फसल कृषि भूमि समेत नदी में समा चुकी है। किसान दूसरों की मजदूरी कर परिवार पाल रहे हैं। इस बार भी आंदोलन की रणनीति बनने पर अफसरों ने गांव के चक्कर लगाने शुरू कर दिए। अब जब तक नदी की सफाई और चेनेलाइजेशन के लिए वन विभाग से एनओसी नहीं मिल जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जरूरत पड़ी तो क्रमिक अनशन को आमरण अनशन में बदल दिया जाएगा।
पहले दिन क्रमिक अनशन पर दिलीप बैरागी, कमलेश राय, देवाशीष राय, शंकर राय, विजय सरकार, मधुसूदन, शंकर विश्वास, बोतोचारी वाछाड़, नंदलाल, शिव प्रसाद मजूमदार, सुब्रत सरकार, प्रमय मिस्त्री, बाबू मिस्त्री, अरुण दास, रविंद्रनाथ सरकार और विजय मंडल बैठे। इनके समर्थन में तीनों गांवों चंदिया हजारा, कॉलोनी नंबर और राहुलनगर के तमाम लोग पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने समस्या का समाधान न होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया।
गांव चंदिया हजारा में शुरू हुए बेमियादी धरना प्रदर्शन क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे लोग । व अनशन स्