पूरनपुर। शारदा नदी के उफनाने से नदी किनारे के गांवों मेेंं हुआ जलभराव दूसरे दिन भी बना रहा। लोग छतों और ऊंचे स्थानों पर शरण लिए रहे। मंगलवार को भी तमाम बाढ़ पीडि़तों के घरों में चूल्हे नहीं जले। प्रशासन भले ही खाना बंटवाने का दावा कर रहा हो, मगर हकीकत इससे अलग रही।
शारदा नदी के उफनाने से रविवार रात को नदी किनारे के 30 गांवों में जलभराव हो गया था। हालांकि सोमवार दोपहर बाद से बनबसा बैराज से नदी में पानी पास होने की मात्रा कम होने से नदी का जलस्तर कम होना शुरू हो गया, मगर अधिकांश गांवों में मंगलवार को भी घरों, सड़कों पर जलभराव बना रहा।
निचले स्थानों के घरों में तीन से चार फुट तो सड़कों पर दो से ढाई फुट पानी भरा रहा। गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर मजदूर बस्ती, कॉलोनी नंबर छह, शारदा नदी पार के गांव सिद्धनगर, बैल्हा, टाटरगंज, टिल्ला नंबर चार सहित अन्य गांवों में जलभराव को लेकर लोग घरों की छतों और ऊंचे स्थानों पर शरण लिए रहे। हालांकि गांव चंदिया हजारा और आसपास गांवों के कुछ लोगों ने हरीपुर जंगल मेंं ऊंचे स्थानों पर भी शरण ली।
जंगल में शरण लिए लोगों का आरोप है कि एक वन दरोगा उनको जंगल से भाग जाने के लिए हड़का रहा है। अधिकांश बाढ़ पीडि़तों के घर मंगलवार को भी चूल्हे न जलने से वे भूख से बिलबिलाते रहे। बाढ़ में फंसे बच्चों, बुजुर्गों को काफी असुविधा हुई। शारदा नदी के पार कुछ गांवों में जरूर प्रशासन की ओर से खिचड़ी बंटवाई गई।
बाढ़ में एसडीएम पूरनपुर भी फंसे
नदी का जलस्तर बढ़ने पर एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला सोमवार तड़के टीम के साथ शारदा नदी के पार के गांवों के लिए रवाना हुए थे। लौटते समय वे पलिया में फंस गए। एसडीएम ने मोबाइल पर बताया कि चारों ओर जलभराव होने से लखीमपुर का प्रशासन उनको निकलने का सही रास्ता नहीं बता सका। वे पलिया में अपने मित्र के यहां रुके हुए हैं।
एनडीआरएफ ने 91 लोगों को रेस्क्यू कर निकाला
एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम ने बाढ़ में फंसे 38 पुरुषों, 27 महिलाओं, 24 बच्चों और दो गर्भवती महिलाओं को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
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हिरनी, उसके नवजात बच्चे को रेस्क्यू का निकाला
शारदा नदी की बाढ़ में एक हिरनी भी फंस गई। उसने गांव चंदिया हजारा के एक घर में घुसकर ऊंचे स्थानों पर शरण ली। हिरनी ने रात को ही बच्चे को जन्म दिया। इसकी सूचना गांव के लोगों ने वन विभाग के अफसरों को दी। वन विभाग की टीम ट्रैक्टर-ट्राॅली से पहुंची और रेस्क्यू कर हिरनी और उसके नवजात को साथ ले गई।
गांव चंदिया हजारा में सड़क पर हुए जलभराव में निकलते लोग।स्रोत:ग्रामीण
गांव चंदिया हजारा में सड़क पर हुए जलभराव में निकलते लोग।स्रोत:ग्रामीण