पूरनपुर। गांव खिरकिया बरगदिया के बाढ़ और कटान पीड़ित पांच सितंबर से फिर आंदोलन शुरू करेंगे। तीन और चार सितंबर को सामूहिक रूप से कटान रोकने के लिए श्रमदान किया जाएगा। यह निर्णय सोमवार को गांव में हुई बैठक में लिया गया। सोमवार को नदी की कटान की गति धीमी रही। बाढ़ खंड के अफसरों ने नदी किनारे पहुंचकर कटान की स्थिति देखी।
बाढ़ और कटान का सर्वे न होने, मुआवजा न मिलने के विरोध और ग्राम पंचायत खिरकिया बरगदिया के लोगों को ग्राम पंचायत ढक्काचांट में बसाने, क्षेत्र को बचाने के लिए तटबंध बनाने की मांग को लेकर खिरकिया बरगदिया में 27 से 31 अगस्त तक धरना दिया गया था। 31 अगस्त को धरना समाप्त करने के बाद सोमवार को आंदोलन की अगली रणनीति तय करने के लिए बैठक बुलाई गई थी।
सोमवार को हुई बैठक में कहा गया कि प्रशासन की ओर से जब तक कटान रोकने का काम शुरू किया जाएगा, तब तक क्षेत्र में तबाही हो चुकी होगी। तय हुआ कि तीन और चार सितंबर को गांव के लोग सामूहिक रूप से कार सेवा कर कटान को रोकने के लिए नदी किनारे पेड़ों की टहनियां तारों से बांधकर डालने का काम करेंगे। इसके बाद पांच सितंबर से फिर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
बैठक में विवेक सिंह चौहान, लल्लन प्रसाद, हरीशंकर, वासदेव, राशिद, अलवीर, कुलदीप, रामधारी आदि शामिल हुए। सोमवार को नदी का जलस्तर कम होने से कटान धीमा रहा। सोमवार को बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता और एसडीओ ने नदी किनारे पहुंचकर बाढ़ की स्थिति देखा।
००००००
डीएम से एक और तटबंध बनवाने की मांग
गांव चंदिया हजारा के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर डीएम से मिलकर एक और तटबंध बनवाने की मांग की। पत्र में कहा गया है कि गांव चंदिया हजारा के समीप 1500 मीटर में बनाए गए तटबंध से इस बार बाढ़, कटान से राहत मिली, लेकिन तटबंध के आगे नदी तेजी से कटान कर रही है। नौ किसानों की 27 एकड़ पर खड़ी फसल नदी में समा चुकी है। गांव राहुलनगर, कॉलोनी नंबर छह की ओर नदी बढ़ रही है। पत्र में बनाए गए तटबंध के आगे और तटबंध बनवाने की मांग की गई। संवाद