रामपुर के रहने वाले हैं तीनों, गजरौला में 2012 में पकड़े गए थे
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। 11 वर्ष पूर्व 50 क्विंटल संरक्षित पशु के मांस समेत पकड़े गए तीन अंतर जनपदीय तस्करों को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिनव तिवारी ने दोषी पाते हुए प्रत्येक पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है साथ ही 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
24 मार्च 2012 को थाना गजरौला के उपनिरीक्षक कपिल सिंह पुलिस कर्मियों के साथ चौकी जरा क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। तभी एक मुखबिर ने आगे एक गाड़ी में गोमांस होने की सूचना दी। आगे जाकर पुलिस ने देखा एक सफेद रंग की गाड़ी (डीसीएम) खड़ी थी। उसमें काली पन्नी बंधी थी, गाड़ी में चालक समेत तीन लोग बैठे थे। पुलिस ने घेराबंदी करके तीनों व्यक्तियों को नीचे उतारा। पूछने पर पता चला कि रामपुर के ग्राम चमरौआ निवासी भूरा और गांव रतनपुरा निवासी अफजाल व असगर अली हैं। काली पन्नी को तीनों लोगों से हटवा कर देखा तो गाड़ी में संरक्षित पशुओं के मांस के टुकड़े भरे थे। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के दौरान भूरा, अफजाल व असगर अली के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने कई गवाह न्यायालय में पेश किए। वही आरोपियों ने खुद को निर्दोष होना बताया। न्यायालय ने दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद तीनों आरोपियों को दोषी पाते हुए दंडित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी जगदीश प्रसाद वर्मा ने की ।